North District Crime News : उत्तर जिला पुलिस ने पार्किंग में खड़ी कारों के शीशे तोड़कर कीमती सामान चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तमिलनाडु के दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान तिरुचिरापल्ली निवासी गुनासेकर (42) और गोकुल एम (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चार लैपटॉप, तीन लैपटॉप चार्जर और एक सैमसंग मोबाइल फोन बरामद किया है। इस कार्रवाई से दिल्ली के चार अलग-अलग चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है।
डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि 9 जुलाई को अशोक विहार निवासी एक अधिवक्ता ने शिकायत दी थी कि वह किसी काम से कमला नगर आए थे। उन्होंने अपनी कार आईडीएफसी बैंक के पास पार्क की थी। लौटने पर कार का शीशा टूटा मिला और अंदर रखा एप्पल आईपैड समेत अन्य कीमती सामान गायब था। इस संबंध में रूप नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसीपी राजेंद्र प्रसाद की निगरानी और इंस्पेक्टर रमेश कौशिक के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर हर्षित अपूर्वा, विनोद वालिया , हेड कांस्टेबल ललित कुमार, कांस्टेबल रविंदर जांगड़ा, अत्तर सिंह गुर्जर और गौतम भाटी की टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
वहीं, जांच के दौरान पांच संदिग्ध कार के आसपास दिखाई दिए। उनकी गतिविधियों और भागने के रास्ते का कई कैमरों के जरिए पीछा किया गया। फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और स्थानीय मुखबिरों की मदद से तीन आरोपियों की पहचान तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु के रहने वाले अपराधियों के रूप में हुई।
2 अगस्त को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य दोबारा कमला नगर क्षेत्र में वारदात करने आने वाले हैं। पुलिस ने जाल बिछाकर गुनासेकर और गोकुल को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर चोरी के चार लैपटॉप, तीन चार्जर और एक मोबाइल फोन बरामद किए गए।
ट्रेन के जरिए तमिलनाडु से आते थे दिल्ली
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरोह का सरगना दीपक उर्फ कार्तिक है। सभी सदस्य ट्रेन से दिल्ली आते और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के एक चाय स्टॉल पर तय समय पर इकट्ठा होते थे। वहां से वे अलग-अलग इलाकों में निकलकर सड़क किनारे खड़ी कारों के शीशे लोहे के औजार से तोड़ते और इलेक्ट्रॉनिक सामान चुराकर फरार हो जाते थे। पुलिस से बचने के लिए वे आपस में मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। वारदात के बाद रात में बस से आगरा जाकर ठहरते और अगले दिन फिर दिल्ली लौट आते थे। कुछ घटनाओं को अंजाम देने के बाद पूरा गिरोह ट्रेन से वापस तमिलनाडु चला जाता था। पुलिस अब फरार सरगना दीपक उर्फ कार्तिक और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही आरोपियों की संलिप्तता अन्य राज्यों और दिल्ली में हुई इसी तरह की वारदातों में भी खंगाली जा रही है।



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