Kejriwal on Hanging Room Issue: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शराब मामले में आरोपों से मुक्त होने के बाद लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली की भाजपा सरकार को भी जमकर घेरा। दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होने के बाद केजरीवाल ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले एक साल में दिल्ली की स्थिति बेहद खराब हो गई है, लेकिन भाजपा को जनता की परेशानियों से कोई मतलब नहीं है। उनका आरोप है कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए फांसी घर को टिफिन रूम साबित करने में लगी हुई है, जो स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है।
Kejriwal on Hanging Room Issue: फांसी घर को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

विशेषाधिकार समिति के सामने पेशी के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार यह साबित करने की कोशिश कर रही है कि दिल्ली विधानसभा परिसर में मौजूद जगह फांसी घर नहीं बल्कि टिफिन रूम था। उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान के खिलाफ है।
केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने समिति से पूछा कि अगर यह फांसी घर नहीं था तो इसके टिफिन रूम होने का क्या सबूत है। उनके मुताबिक, समिति के पास इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर इस मुद्दे को उठाकर स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
ऐतिहासिक इमारत से जुड़ा है फांसी घर

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली विधानसभा की इमारत एक ऐतिहासिक धरोहर है। जब अंग्रेजों ने 1912 में देश की राजधानी कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित की थी, तब इस भवन का निर्माण कराया गया था। उन्होंने कहा कि साल 2022 में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल की पहल पर यह जानकारी सामने आई कि इस इमारत के एक हिस्से में फांसी घर था, जहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी।
इसके बाद इस स्थान को लोगों के लिए खोला गया ताकि देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को लोग करीब से समझ सकें। केजरीवाल के अनुसार, उस समय उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में इस स्थान का उद्घाटन किया था ताकि आने वाली पीढ़ियां स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्रेरणा ले सकें।
समिति के सामने रखा अपना पक्ष
केजरीवाल ने बताया कि जब उन्हें विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने बुलाया गया तो उनसे पूछा गया कि वह कैसे साबित करेंगे कि वह जगह फांसी घर थी। इस पर उन्होंने समिति को बताया कि उस समय के विधानसभा अध्यक्ष ने पूरी जांच के बाद ही इस स्थान को फांसी घर घोषित किया था।
उन्होंने समिति से यह भी कहा कि यदि सरकार के पास इसे टिफिन रूम साबित करने का कोई सबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। केजरीवाल का कहना है कि समिति के पास ऐसा कोई प्रमाण नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह विवाद केवल राजनीतिक उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
दिल्ली की समस्याओं पर भी उठाए सवाल
इस मुद्दे के साथ ही केजरीवाल ने दिल्ली की मौजूदा स्थिति पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में दिल्ली की हालत काफी खराब हो गई है। उनके मुताबिक, शहर में हर तरफ कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि सड़कों की हालत खराब है, कई जगह सड़कें टूटी हुई हैं और लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि मोहल्ला क्लीनिक बंद किए जा रहे हैं और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी हो गई है।
केजरीवाल ने कहा कि लोगों को पानी और बिजली के भारी-भरकम बिल मिल रहे हैं और कई इलाकों में बिजली कटौती भी हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिल्ली में इतनी समस्याएं हैं तो सरकार उनका समाधान करने की बजाय फांसी घर जैसे मुद्दों पर राजनीति क्यों कर रही है।
अनुभव साझा करने की बात भी कही
अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि वह दस साल तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे हैं और उन्हें प्रशासन चलाने का अनुभव है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहे तो वह अपने अनुभव से मदद करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई समिति उनसे यह पूछती कि दिल्ली की सड़कों, सीवर या अन्य बुनियादी समस्याओं को कैसे सुधारा जा सकता है, तो उन्हें खुशी होती। उनका कहना है कि उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि सरकार किस पार्टी की है, उनकी इच्छा सिर्फ इतनी है कि दिल्ली का विकास हो और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
सोशल मीडिया पर भी जताई नाराजगी
अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि अंग्रेजों के समय बनी दिल्ली विधानसभा की इमारत के एक हिस्से में स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी और 2022 में इस ऐतिहासिक तथ्य को सामने लाया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अब इस स्थान को फांसी घर की जगह टिफिन रूम साबित करने की कोशिश कर रही है, जो स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने यह भी लिखा कि दिल्ली में सड़कों की हालत खराब है, बिजली कट रही है और अस्पतालों में दवाइयों की कमी है, लेकिन सरकार इन समस्याओं की बजाय दूसरे मुद्दों पर ध्यान दे रही है।
पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
विधानसभा में विशेषाधिकार समिति के सामने पेशी के दौरान अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर भी विवाद सामने आया। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि जब केजरीवाल विधानसभा पहुंचे तो उनकी सुरक्षा में तैनात पीएसओ को दिल्ली पुलिस ने बाहर ही रोक दिया। पार्टी का कहना है कि केजरीवाल को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है और पहले भी उन पर कई बार हमले हो चुके हैं। ऐसे में उनके सुरक्षा कर्मियों को अंदर जाने से रोकना गंभीर मामला है।
आम आदमी पार्टी ने जताई कड़ी आपत्ति
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि अरविंद केजरीवाल पर पहले भी कई हमले हो चुके हैं, इसी कारण उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी गई है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि विधानसभा में उनकी सुरक्षा को हटाकर उन्हें अकेले अंदर बुलाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे विधानसभा प्रशासन केजरीवाल की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने से बचना चाहता है।
भाजपा पर राजनीति करने का आरोप
पूरे मामले पर अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार का मकसद दिल्ली की समस्याओं को हल करना नहीं बल्कि राजनीतिक विवाद पैदा करना है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और यदि इस तरह का प्रयास किया गया तो उसका विरोध जारी रहेगा। केजरीवाल के अनुसार, दिल्ली की जनता असली मुद्दों पर समाधान चाहती है और सरकार को भी उन्हीं मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
यह भी पढ़ें: कश्मीरी गेट के पास बनेगा नया फुट ओवर ब्रिज, CM रेखा गुप्ता ने किया शिलान्यास























