केजरीवाल का पलटवार- केंद्र को लड़ने के बजाय टीम इंडिया बनकर करना चाहिए काम, गाली गलौज अच्छा नहीं

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र को राज्य सरकारों से लड़ने और उन्हें कोसने के बजाय उनके साथ मिलकर काम करना चाहिए।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र को राज्य सरकारों से लड़ने और उन्हें कोसने के बजाय उनके साथ मिलकर काम करना चाहिए। केजरीवाल ने ट्विटर पर उस मीडिया रिपोर्ट को टैग किया है जिसके मुताबिक केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने केजरीवाल सरकार को लोगों तक राशन और ऑक्सीजन पहुंचाने में कथित तौर पर नाकाम रहने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश तभी प्रगति करेगा जब 130 करोड़ जनता, सभी राज्य सरकारें और केंद्र मिलकर ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करेंगे। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आज लोग केंद्र में ऐसा नेतृत्व देखना चाहते हैं जो, पूरा दिन राज्य सरकारों को गाली देने और उनसे लड़ने की बजाय, सबको साथ लेकर चले। देश तब आगे बढ़ेगा जब 130 करोड़ लोग, सभी राज्य सरकारें और केंद्र मिलकर टीम इंडिया बनकर काम करेंगे। इतना गाली गलौज अच्छा नहीं।’’

बता दें कि भाजपा ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार की घर-घर राशन पहुंचाने की योजना को ‘‘जुमला और दिखावा’’ के साथ ही घोटाले को बढ़ावा देने वाली करार दिया और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है तो वह राशन वितरण की नयी योजना लेकर आएं जो खाद्य सुरक्षा कानून का उल्लंघन ना करती हो। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत सरकार खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 37,573 टन अनाज दिल्ली के 73 लाख लोगों को हर महीने देती है जिसकी सब्सिडी 1163 करोड़ रुपये है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये जो दिल्ली का हित है, वह चलेगा… लेकिन बात यह है कि जो नई कहानी रची जा रही है, यह दिखावे के लिए है और घोटाले को बढ़ावा देने के लिए है।’’ उन्होंने दावा किया कि दिल्ली सरकार की प्रस्तावित घर-घर राशन पहुंचाने की योजना में ईमानदारी और प्रामाणिकता का अभाव है क्योंकि राजधानी में आधार कार्ड प्रमाणीकरण की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ई-पीओएस) कम्प्यूटरीकृत प्रणाली लागू है जबकि छोटे से छोटे राज्यों में भी दोनों व्यवस्था लागू हैं।
प्रसाद ने कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल जी हर घर अन्न की बात कर रहे हैं। ऑक्सीजन तो वह पहुंचा नहीं सके, मोहल्ला क्लीनिक से दवा तो पहुंचा नहीं सके। हर घर अन्न भी एक जुमला है। दिल्ली सरकार राशन माफिया के नियंत्रण में है।’’

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