नई दिल्ली : बाबा साहब डा. अम्बेडकर विद्यापीठ, देवली के बैनर तले अम्बेडकरवादी संगठनों ने दिल्ली सचिवालय पर देवली पहाड़ी के मुद्दे और सात सूत्रीय मांगों को नहीं मानने के विरोध में प्रदर्शन किया। साथ ही देवली पहाड़ी पर बाबा साहब की 50 साल पुरानी प्रतिमा को ध्वस्त करने से रोकने और जाटव समाज को ग्रामसभा द्वारा आवंटित 65 बीघा जमीन को दिल्ली सरकार द्वारा हड़पने की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए प्रदर्शन हुआ।
इस प्रदर्शन में अम्बेडकरवादी संगठनों के प्रतिनिधियों ने दलित विरोधी केजरीवाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली गेट से पैदल मार्च किया। इससे पहले सोमवार को देवली गांव पहाड़ी पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली कांग्रेस के प्रवक्ता हरनाम सिंह के नेतृत्व में बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें जिलाध्यक्ष राजेश चौहान, हर्ष चौधरी, जगवीर सिंह, अनिल माथुर और देवली गांव पहाड़ी के अध्यक्ष बीसी कपिल के साथ देवली गांव के जाटव समाज के लोग शामिल थे।
इस बैठक में दिल्ली सचिवालय पर प्रदर्शन का फैसला लिया गया था। हरनाम सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शन के बाद ही आम आदमी पार्टी सरकार को झुकना पड़ा और एसडीएम साकेत ने स्कूल के नाम पर दलित समाज की जमीन को कब्जा के लिए बाबा साहब की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की चल रही कवायद को तुरंत प्रभाव से रोक दिया। दूसरी तरफ जिलाध्यक्ष एआर जोशी ने कहा कि देवली पहाड़ी की 65 बीघा जमीन ग्राम सभा ने जाटव समुदाय को 1972 में आवंटित की थई, जिस पर संघदर्शी बुद्ध विहार और बाबा साहब की प्रतिमा का निर्माण कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार इस प्रतिमा का अस्तित्व खत्म करना चाहती है।


Download Android App
Download iOS App



