Majnu ka Tila to Old Railway Bridge: दिल्ली सरकार ने राजधानी को यमुना की विनाशकारी बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए यमुना बाढ़ सुरक्षा दीवार परियोजना को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत रिंग रोड के किनारे मजनू का टीला से ओल्ड रेलवे ब्रिज (ओआरबी) तक लगभग 4.72 किलोमीटर लंबी एक मजबूत सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि अगले वर्ष यमुना में बाढ़ आने से पहले इस दीवार को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस निर्णय की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार ने तत्कालीन बजट में इस दीवार के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया है। यह दीवार न केवल यमुना के पानी को रिहायशी इलाकों में घुसने से रोकेगी, बल्कि सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच का काम करेगी। दशकों से ऐसा होता आ रहा है कि जब भी यमुना में जलस्तर बढ़ता है तो मजनू का टीला और उसके आसपास के निचले इलाकों से ही पानी सबसे पहले राजधानी में प्रवेश करता है। वर्ष 1978 की भीषण बाढ़ से लेकर 2023 और वर्ष 2025 की बाढ़ तक, रिंग रोड का यह हिस्सा जलमग्न होने के कारण पूरी दिल्ली की रफ्तार रोक देता था।
पूर्व सरकार ने दिल्ली को बाढ़ से बचाने के लिए कोई निर्णय नहीं लियाः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान तटबंध (पुश्ते) भविष्य की चुनौतियों के लिए पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए अब सरकार स्थायी समाधान की ओर बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में यमुना ने 208.66 मीटर का अपना सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर छुआ था, जिसने 1978 के रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया। वहीं 2025 में भी यमुना खतरे के निशान (205.33 मीटर) को पार कर 207.48 मीटर तक पहुंच गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की बाढ़ की आशंका भविष्य में भी बनी रहेगी, जिसके स्थायी समाधान के लिए प्रस्तावित दीवार एक मजबूत व स्थायी विकल्प है।
इस परियोजना का तकनीकी आधार अगस्त 2024 में तैयार की गई जॉइंट फ्लड कमिटी की रिपोर्ट है, जिसमें पुणे स्थित केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र (सीडब्ल्यूपीआरएस) के विशेषज्ञ एवं सदस्यों द्वारा हाइड्रोलिक मॉडल अध्ययन और विस्तृत डेटा विश्लेषण किया गया था। इस अध्ययन में स्पष्ट रूप से सुझाव दिया गया कि रिंग रोड के इस हिस्से पर मजबूत फ्लड प्रोटेक्शन वॉल का निर्माण ही दीर्घकालिक समाधान हो सकता है। लेकिन पूर्व सरकार ने दिल्ली को बाढ़ से बचाने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया, जिसका परिणाम है कि बाढ़ आते ही इन इलाकों में बाढ़ के हालात पैदा हो जाते हैं।
यमुना किनारे बनने वाली यह दीवार नदी और शहर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यमुना के किनारे बनने वाली यह दीवार नदी और शहर के बीच एक मजबूत ढाल बनेगी, जिससे नदी का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर नहीं आएगा। इस दीवार से नदी के किनारों को कटने से बचाया जा सकेगा, जिससे सड़कों और आसपास की इमारतों की नींव सुरक्षित रहेगी। इसके अतिरिक्त यह दीवार नदी के किनारे होने वाली अवैध वेस्ट डंपिंग और म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट को रोकने में मदद करेगी, जिससे यमुना का फ्लड-प्लेन सुरक्षित और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।
मॉनसून 2027 से पहले तैयार करने का है लक्ष्यः सीएम
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार इस प्रोजेक्ट को युद्धस्तर पर पूरा करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। इस पूरी दीवार को अगले मॉनसून सीजन 2027 से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल बाढ़ से सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी अवसंरचना को सुदृढ़ करने, पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों के जीवन स्तर को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस दीवार के निर्माण के बाद दिल्ली को हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
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