डाबड़ी में तुलसी के पौधे की मिट्टी से निकले कंकाल का सारा मामला सामने आ गया है। इस पूरे हत्याकांड में एएटीएस टीम ने मृतक के मामा को गिरफ्तार किया है। दरअसल, मामा की गर्लफ्रेंड से दोस्ती करना भांजे को भारी पड़ गया। मामा का जब इस बात की भनक लगी की उसके भांजे की दोस्ती उसकी गर्लफ्रेंड से हो गई है तो उसने अपने भांजे का कत्ल कर उसकी लाश को तुलसी के पौधे के नीचे छिपा दिया और पुलिस स्टेशन पहुंचा कर गुमशुदगी का केस दर्ज करा दिया।
इसके कुछ दिन बाद अपने सारे नंबर बंद कर गायब हो गया। 9 अक्टूबर 2018 को एक शख्स ने द्वारका थाने में शिकायत दी कि उसने जब छत की मिट्टी हटाई तो उसके नीचे से उसे कंकाल मिला है। पुलिस ने शिकायत पर कत्ल का केस दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी। पुलिस की काफी मशक्कत पर पता लगा कि लाश 27 साल के जय प्रकाश नारायण की है।
जय प्रकाश उड़ीसा का रहने वाला था और इसी मकान में वो अपने मामा के साथ किराए पर रहता था। पुलिस ने फिर मामा विजयन माहाराणा के बारे में पता लगाना शुरु किया तो उसके सारे पुराने नम्बर बंद मिले। यहां तक की उसके घरवालों को भी नहीं पता था कि विजयन कहां पर है। इस बीच पुलिस को पता लगा कि विजयन ने 12 फरवरी को अपने भांजे जय प्रकाश के गुमशुदगी की शिकायत डाबरी पुलिस को दी थी, लेकिन वो पलट कर कभी पुलिस के पास नहीं गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से की गई। आरोपी मामा विजयन अब दो दिन की पुलिस रिमांड पर है। अधिकारी ने बताया कि इंस्पेक्टर राजकुमार ने नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था। कपड़ों के आधार पर कंकाल की पहचान जय प्रकाश महाराणा के रूप में की गई जो ओडिशा का रहने वाला था।


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