अभिनेता मनोज वाजपेयी ने ‌की अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में शिरकत, माता पिता के साथ समय न बिताने का दर्द जिंदगी मेरे साथ रहेगा

Manoj Bajpayee International Film Festival

Manoj Bajpayee International Film Festival: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में रोजाना सितारों,फिल्मकारों व फिल्म जगत से जुड़े लोगों का जमावड़ा लग रहा है। सितारों व फिल्मकारों की इस महफिल में कलाकार व फिल्म निर्माता नये लोगों को अभिनय के गुर व फिल्म मेकिंग की बारीकियां बता रहे हैं। साथ ही वे अपने जीवन का संघर्ष भी साझा कर रहे हैं। शुक्रवार को जाने माने फिल्म अभिनेता मनोज वाजपेयी ने फेस्टिवल में शिरकत की और अपने कैरियर की शुरुआती फिल्म शूल की ‌स्क्रीनिंग देखी। इस दौरान उनके साथ फिल्म के निर्देशक ईश्वर निवास भी मौजूद रहे। इस दौरान मनोज वाजपेयी ने अपने संघर्ष के बारे में प्रशिक्षुओं को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फिल्म लाइन के लिए उनका संघर्ष दिल्ली आने व मुम्बई जाने से काफी पहले उस समय शुरु हो गया था, जब उन्होंने अपने पिताजी व परिवार के अन्य लोगों से एक्टर बनने की बात छिपायी।

अपने सपने के बारे में पता नहीं चलने दिया

बकौल मनोज वाजपेयी उन्होंने किसी को भी अपने सपने के बारे में पता नहीं चलने दिया। घरवालों या बाहर वालों को अपने सपने के बारे में कतई भी भनक नहीं लगने दी। उन्होंने बताया कि यदि घरवालों को इस बारे में पता चल जाता तो उनका ‌अभिनेता बनने का सपना उसी समय टूट जाता। उन्होंने कहा कि पिताजी को यूपीएससी की तैयारी करने के बहाने वे दिल्ली आ गये और यहां थियेटर से जुड़कर संघर्ष करता रहा। हालांकि सफलता प्राप्त करने के बाद वे एक जाना माना चेहरा तो बन गये लेकिन उन्हें एक चीज हमेशा सताती रहेगी। मनोज वाजपेयी ने कहा कि जब मैं अपने सपनों को पूरा करने में लगा था,अपनी पहचान के लिए संघर्ष के कर रहा था तो मेरे ‌मातापिता बूढ़े ‌हो रहे थे।

समय न बिताने का दर्द जिंदगी भर रहेगा

इस समय में उनके साथ न रहने का दर्द, उनके साथ समय न बिताने का दर्द जिंदगी भर मेरे साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि मेरे संघर्ष के साथ मेरे मातापिता के चेहरे पर झुर्रियां भी पड़ रही थी ले‌किन मैं उन झुर्रियों को नहीं देख पाया। अपने जीवन की उप‌लब्धि का जिक्र करते हुए मनोज वाजपेयी ने कहा ‌कि मेरी इस यात्रा व संघर्ष से बहुत से कलाकारों को प्रेरणा मिली है। वे मेरा अनुसरण करके अपने सपनों को पूरा करने ‌में लगे हैं। ये मेरे लिए सबसे बड़ी संतुष्टि व उपलब्धि है। इस दौरान उन्होंने युवाओं को ए‌क्टिंग की बारीकियां बतायी और बताया कि कैरेक्टर में कैसे उतरना चाहिए। मनोज वाजपेयी ने दर्शकों के सवालों के भी जवाब दिये और अपने जीवन के खास पल उनके साथ साझा किए।

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