नई दिल्ली : सीलिंग को लेकर राजनीतिक दल के निशाने पर रहे दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने रविवार को पलटवार किया। अपने संसदीय क्षेत्र उत्तरी पूर्वी जिले के घोंडा और सादतपुर मंडल के कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए तिवारी ने सीलिंग के लिए केंद्र को कोस रही आप और कांग्रेस पर ही आरोप मढ़ते हुए उन्होंने दिल्ली वालों से आगामी 12 अक्तूबर तक सीलिंग न होने देने की अपील की, तो वहीं कांग्रेस और आप से कहा कि अगर वह सचमुच सीलिंग का विरोध कर रहे हैं, तो रैली व प्रदर्शन छोड़ कर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक जहां भी सीलिंग हो उसे रोकने में उनके साथ खड़े हों।
मनोज तिवारी के संसदीय क्षेत्र में हो रहे कांग्रेस के हुंकार रैली पर तंज करते हुए उन्होंने इसे अहंकार रैली करार दिया। उनका कहना है कि इस सीलिंग के असली मास्टरमाइंड अजय माकन ही हैं। पहली बार जब दिल्ली पर सीलिंग खतरा मंडराया था, तब माकन ही अर्बन डेवलपमेंट मंत्री थे। उन्होंने जो कमियां छोड़ीं, उसी के वजह से आज यह हालात हैं। इसके साथ ही उन्होंने एलान किया कि जब तक ओखला में सीलिंग शुरू नहीं होती, तब तक वे दिल्ली में कहीं भी सीलिंग नहीं होने देंगे। वहीं पूर्वी दिल्ली नगर निगम में चरमराई सफाई व्यवस्था पर सफाई देते हुए उन्होंने इसका सारा दोष पूर्व कमिश्नर पर मढ़ दिया।
खुले में जल रही प्लास्टिक से हवा हो रही दूषित
उनका कहना है कि कर्मचारियों की मांगों ने निगम के सदन ने मान लिया, लेकिन कमिश्नर इसे रोकने पर अड़ा हुआ था। इसलिए उसे निकालना पड़ा। उन्होंने बताया कि नए कमिश्नर ने सदन की बात मान ली है, जिसके बाद हड़ताल खत्म हो गई है और आने वाले एक दो दिनों में सफाई व्यवस्था ठीक हो जाएगी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं तक केंद्र सरकार और प्रदेश के सांसदों के कार्यों को पहुंचाने के लिए उन्होंने पैंप्लेट छपवाकर बंटवाने की बात भी कही।


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