महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की जिद से भारतीय अर्थव्यवस्था में संघर्ष पैदा हो गया है।
केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक से वित्तीय घाटा को पूरा करने के लिए 3़ 50 लाख करोड़ रुपये की मांग की थी। यह स्थिति नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लोगों के बैंक घोटाला के कारण उत्पन्न हुई है।
चव्हाण आज यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि यदि रिजर्व बैंक के गवर्नर केन्द, सरकार की मांग को ठुकराते हैं तो उनके समक्ष दो विकल्प होगें या तो वे सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण करें या फिर इस्तीफा दें। रिजर्व बैंक की 19 नवंबर को बैठक है और इस बैठक में ये सारी बातें तय होंगी।
संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसम्बर से होगा शुरू
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक के बीच चल रहे संघर्ष में केंद्र सरकार रिजर्व की धारा 7 के तहत सुझाव दे सकती है हालांकि अभी तक किसी भी सरकार ने इस धारा का उपयोग नहीं किया। भाजपा की सरकार ने रिजर्व बैंक को तीन पत्र भेज चुकी है जिसमें 3़ 50 लाख करोड़ रुपये की मांग की थी।
चव्हाण ने कहा कि यदि रिजर्व बैंक के गवर्नर इस्तीफा देते हैं तो देश की आर्थिक स्थिति पर भूचाल आ सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द, सरकार ने विभिन्न करों तथा पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़कर 21 लाख करोड़ रुपये एकत्र किये हैं।


Download Android App
Download iOS App



