CJP Protest : आशुतोष शांडिल्य/ नीट पेपर लीक मामले को लेकर 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने फिलहाल किसी नए आंदोलन की घोषणा से इनकार किया है। विदेशी फंडिंग के आरोपों पर सीजेपी ने कहा कि जंतर-मंतर पर चला आंदोलन पूरी तरह जनता और छात्रों के स्वैच्छिक सहयोग से संचालित हुआ तथा विदेशी फंडिंग के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। संगठन ने कहा कि यदि किसी भी जांच एजेंसी को संदेह है तो उसके खातों की निष्पक्ष जांच कराई जा सकती है। सीजेपी ने कहा कि आंदोलन को देशभर के लोगों का स्वैच्छिक सहयोग मिला। कई लोगों ने भोजन, पानी, तिरपाल और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई।
संगठन ने कहा कि पूरा आंदोलन जनता और छात्रों के सहयोग से चला, किसी विदेशी फंडिंग के आधार पर नहीं। सीजेपी के प्रवक्ता दीपक बालियान ने बातचीत में कहा कि पिछले करीब डेढ़ महीने से संगठन के कार्यकर्ता अपने घरों से दूर रहकर आंदोलन में जुटे थे। इसलिए फिलहाल सभी कार्यकर्ता अपने परिवारों के साथ समय बिता रहे है। इसके बाद वरिष्ठ टीम की बैठक में भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी और आवश्यकता पड़ने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसकी घोषणा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सीजेपी का उद्देश्य केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। जहां भी छात्रों के अधिकारों का हनन होगा या उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ेगा, संगठन उनकी आवाज उठाएगा। बालियान ने कहा कि संगठन केवल छात्रों के मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों, मजदूरों और आम लोगों के साथ अन्याय होने पर भी उनके समर्थन में खड़ा होगा। सीजेपी ने राजनीतिक आरोपों को भी खारिज किया। दीपक बालियान ने कहा कि संगठन किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। जो भी छात्रों के हित में कार्य करेगा, सीजेपी उसका समर्थन करेगी, चाहे वह सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का।
उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों पर राजनीतिक आरोप लगाना नई बात नहीं है, लेकिन संगठन का उद्देश्य केवल छात्रों और आम लोगों के हितों की रक्षा करना है। अन्य छात्र संगठनों से अलग पहचान के सवाल पर उन्होंने कहा कि सीजेपी छात्रों द्वारा बनाया गया मंच है और आंदोलन के दौरान छात्रों ने इस पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि सभी छात्र संगठन अपने-अपने स्तर पर कार्य करते हैं और सीजेपी किसी भी संगठन की आलोचना नहीं करती। राजनीतिक दल बनने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इस दिशा में कोई विचार-विमर्श नहीं हुआ है। अभी संगठन आंदोलन के रूप में ही कार्य करता रहेगा और पार्टी गठन को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।



Download Android App
Download iOS App




