राज्यसभा के बाद लोकसभा से भी पास हुआ वंदे मातरम् बिल, अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार, जानें क्या बदलेंगे नियम?

Summary :

Vande Mataram Bill Lok Sabha: संसद के दोनों सदनों से वंदे मातरम् बिल पास हो गया है। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कानून बनने के बाद राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का अपमान करना, इसके गायन में बाधा डालना या किसी को गाने से रोकना अपराध होगा। दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।

Vande Mataram Bill Lok Sabha: वंदे मातरम् को कानूनी सुरक्षा देने वाला विधेयक अब संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। गुरुवार, 30 जुलाई को लोकसभा ने भी इस बिल को मंजूरी दे दी। इससे पहले बुधवार, 29 जुलाई को राज्यसभा में यह विधेयक पास किया गया था। हालांकि बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने विरोध जताया और हंगामा भी किया, लेकिन इसके बावजूद सरकार इसे दोनों सदनों से पारित कराने में सफल रही। अब इस बिल को अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी  मिलने के बाद यह कानून पूरे देश में लागू हो जाएगा।

इस बिल के कानून बनने के बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी वही कानूनी संरक्षण मिलेगा, जो पहले से राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ को हासिल है। इसका मतलब यह है कि राष्ट्रीय गीत का अपमान करना या उसके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को कानून के तहत अपराध माना जाएगा। सरकार के अनुसार,  इस कानून का मकसद  राष्ट्रीय गीत के सम्मान और गरिमा को बनाए रखना है। इससे देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया जाएगा।

किन कामों को माना जाएगा अपराध?

नए कानून के लागू होने के बाद केवल राष्ट्रीय गीत का अपमान ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े कुछ अन्य कार्य भी अपराध की कैटेगरी में आएंगे। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम् गाए जाने के दौरान अड़चने  पैदा करता है, कार्यक्रम में बाधा डालता है या किसी अन्य व्यक्ति को राष्ट्रीय गीत गाने से रोकता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार के अनुसार, ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति पर कानून के तहत केस दर्ज किया जा सकेगा।

वहीं, वंदे मातरम् बिल के अनुसार, राष्ट्रीय गीत का अपमान करने वाले व्यक्ति को अधिकतम 3 साल तक की जेल, जुर्माना, या फिर दोनों सजा दी जा सकती हैं। यह प्रावधान उसी तरह का है, जैसा मौजूदा समय में  राष्ट्रगान जन-गण-मन के अपमान से जुड़े मामलों में लागू होता है। यानी अब राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान, दोनों के सम्मान की रक्षा के लिए लगभग समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून

बता दें कि संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद अब इस विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा और इसके सभी प्रावधान पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएंगे।

इसके बाद अगर  कोई व्यक्ति राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है, उसके गायन में जानबूझकर अड़चने  डालता है या किसी को वंदे मातरम् गाने से रोकता है, तो उसके खिलाफ नए कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।