नई दिल्ली : केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा कार्यकाल के अंतिम दिनों में लोकपाल की नियुक्ति को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने सवाल खड़े किये हैं। पार्टी के प्रदेश संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल के अंतिम दिनों में देश को पहला लोकपाल मिलना देश की जनता के लिए खुशी की बात है।
इससे अब भ्रष्टाचार पर निष्पक्षता से कार्रवाई हो सकेगी लेकिन इससे भाजपा की मंशा पर यह प्रश्न चिन्ह भी लगता है कि आखिर उसे पांच साल तक लोकपाल बनाने से डर क्यों लग रहा था? देश में लोकपाल बिल लागू करने के लिए अन्ना हजारे के नेतृत्व में जो आंदोलन हुआ उसके बाद तात्कालिक सरकार ने सदन में सर्व सहमति से लोकपाल बिल पास करने की बात कही, लेकिन बाद में कांग्रेस ने जनता को धोखा दिया और उसका नतीजा यह हुआ कि जनता ने कांग्रेस को देश की सत्ता से उखाड़ कर फेंक दिया।
केन्द्र के लोकपाल के संबंध में ही देरी नहीं हुई बल्कि जब दिल्ली में हमारी सरकार बनी तो छह महीने के अंदर हमने जन लोकपाल बिल दिल्ली विधानसभा में पास करके केन्द्र सरकार को भेज दिया था।


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