नई दिल्ली : देश में अलग तरह का माहौल है। विंग कमांडर अभिनंदन सकुशल अपने देश लौट चुके हैं। स्वाभाविक है देश में जब-जब संकट आता है तो लोगों में देशभक्ति झलकती है। उस माहौल का पूरा देश अनुभव कर रहा है। यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को प्रवासी भारतीय केंद्र में भाजपा नेता व लेखक सुधांशु मित्तल द्वारा लिखित ‘आरएसएसः बिल्डिंग इंडिया थ्रू सेवा’ पुस्तक के विमोचन के उपरांत कही।
आरएसएस पर आधारित पुस्तक के विमोचन पर खुशी जाहिर करते हुए सह सरकार्यवाह ने कहा कि संघ ही सेवा है। संघ का लक्ष्य सेवा के माध्यम से राष्ट्र का पुनः निर्माण करना है। इस मौके पर आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी, इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा, प्रकाशक नरेन्द्र कुमार और अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे। दत्तात्रेय ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में भावना से जुड़े, लेकिन संघ के कार्य को देखकर अनुभव करते हुए कार्यकर्ता समाज में जो कार्य करते हैं, वही सेवा है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता देश के हर क्षेत्र में हैं, जो वर्षों से समाज के लिए काम करते आ रहे हैं। संघ भारत के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ दुनिया में गलत है। कई विश्वविद्यालय में संघ पर शोध किया जा रहा है। हाल ही में संघ के सरसंघचालक ने एक कार्यक्रम के दौरान विज्ञान भवन में कहा कि संघ के बारे में जानना है तो उसके करीब आओ। रोजाना लगने वाली शाखा में जाकर देखो।
संघ समाज के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान के हर कोने में संघ सक्रिय है। उनका समाज के हर तबके के लोगों में काम है। हम प्यार के गीत गाते हैं ‘तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित’ इसे अपने अंदर ढालने की भी जरूर है। संघ की शाखाओं में इन गीतों के माध्यम से देशभक्ति के प्रति जागृत किया जाता है। इससे आनंद पाए, यही ईश्वर की पूजा है। संघ की सेवा का मतलब समाज में परिवर्तन लाना है।
गरीब इलाके में संघ का अनेक कार्य चल रहे हैं। मैं इस देश का नागरिक हूं। सेवा का लाभ लेते-लेते उनके अंदर भी सेवा करने का भाव मन में जागृत हो सके। लोगों के मन से जब तक ‘मुझे क्या मिलेगा’ नहीं निकलेगा तब तक देश सेवा आप नहीं कर सकते। सेवा और चरित्र में बहुत अंतर है।


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