60 हाई डेंसिटी रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे स्थायी होल्डिंग एरिया

Summary :

अमृत स्टेशनों के पुनर्विकास में शामिल होंगे होल्डिंग क्षेत्र

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (आरआईटीईएस) को नई दिल्ली, आनंद विहार, गाजियाबाद, वाराणसी और अयोध्या में स्थायी होल्डिंग एरिया डिजाइन करने का काम सौंपा गया है। दरअसल, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा के अध्यक्ष राहुल मित्तल के साथ एक बैठक की, जिसमें रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा टीम को स्थायी होल्डिंग एरिया डिजाइन करने का काम सौंपा गया।

बताया जा रहा है कि स्थायी होल्डिंग एरिया डिजाइन का मॉडल तैयार होने के बाद इसे 60 हाई डेंसिटी वाले रेलवे स्टेशनों में इसका विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा, इन स्टेशनों पर सभी अनधिकृत प्रवेश बिंदुओं को बंद कर दिया जाएगा। ये होल्डिंग क्षेत्र अमृत स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यक्रम के साथ एकीकृत किए जाएंगे। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत स्टेशनों पर यात्रियों के लिए स्वच्छता, मुफ्त वाई-फाई, दिव्यांगजनों के लिए विशेष इंतजाम, स्थानीय उत्पादों के कियोस्क और पर्यावरण-अनुकूल जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

पीएम मोदी ने साल 2023 में देश भर के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी। कुल 24,470 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित ये 508 स्टेशन 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश में 55, राजस्थान में 55, बिहार में 49, महाराष्ट्र में 44, पश्चिम बंगाल में 37, मध्य प्रदेश में 34, असम में 32, ओडिशा में 25, पंजाब में 22, गुजरात में 21, तेलंगाना में 21, झारखंड में 20, आंध्र प्रदेश में 18, तमिलनाडु में 18, हरियाणा में 15 और कर्नाटक में 13 स्टेशन शामिल हैं।

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