Ruchika Singh Viral Video: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के बाद एक छात्रा का माफी मांगते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में छात्रा खुद को 15 साल की बताती है और हाथ जोड़कर पूरे देश से माफी मांगती दिखाई देती है। उसका कहना है कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जो भी आपत्तिजनक बातें कहीं, वह गलत थीं और उसे अपने किए पर गहरा पछतावा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए वीडियो में किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में छात्रा बताती है कि वह पहले कनॉट प्लेस घूमने गई थी। इसके बाद वह अपने दोस्तों के साथ जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में पहुंची। वहां मौजूद कुछ लोग लगातार प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगा रहे थे और दूसरे लोगों को भी ऐसा करने के लिए उकसा रहे थे। छात्रा का कहना है कि वह भी उनके प्रभाव में आ गई और बिना सोचे-समझे आपत्तिजनक बातें बोल दीं। उसने कहा कि वह उस समय अपनी गलती नहीं समझ पाई, लेकिन अब उसे एहसास हो गया है कि उससे बड़ी भूल हुई है।
‘यह मेरी पहली और आखिरी गलती है’
वीडियो में छात्रा भावुक होकर कहती है कि वह अभी केवल 15 साल की है और उसने जो कुछ कहा, वह माफी के योग्य नहीं है। उसने स्वीकार किया कि उसके शब्द बेहद गलत थे। छात्रा ने कहा कि यह उसकी पहली और आखिरी गलती होगी और वह भविष्य में कभी ऐसी हरकत नहीं करेगी।
उसने यह भी कहा कि उसने इस तरह की कोई बात सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं की थी। आखिर में उसने पूरे देश से माफी मांगते हुए कहा कि उसे अपने किए पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है और वह सभी से उसे माफ करने की अपील करती है।
“Mai Poore Desh Se Maafi Maangti Hoon. Mai Itni Sharminda Hoon Ki Mai Apni Nazrein Bhi Nahi Utha Pa Rahi Hoon”. pic.twitter.com/6GUams1vbe
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) July 31, 2026
PM मोदी ने भी कही थी माफ करने की बात
यह वीडियो उस बयान के कुछ घंटों बाद सामने आया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ अपशब्द कहने वाले छात्रों को माफ कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उनके और उनकी दिवंगत मां के बारे में कही गई बातें दुख पहुंचाने वाली थीं, लेकिन युवाओं को अपनी गलती सुधारने का एक मौका मिलना चाहिए।
छात्रा के खिलाफ दर्ज हुई FIR
इस मामले में 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में छात्रा रुचिका सिंह के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई और जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। बाद में जांच के लिए यह केस दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने को भेज दिया गया।
पुलिस कर चुकी है पूछताछ
जानकारी के मुताबिक छात्रा अपनी मां के साथ नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी में रहती थी। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के बाद से वह वहां वापस नहीं लौटी है। पुलिस सोसाइटी पहुंचकर स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ भी कर चुकी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। प्रदर्शन का आयोजन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने एफआईआर पर आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि किसी भी तरह की अभद्र भाषा का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन ऐसे मामलों में आपराधिक मुकदमा दर्ज करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर डाल सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी की छवि को नुकसान पहुंचा है तो मानहानि का मामला दर्ज कराया जा सकता है, लेकिन आपराधिक कार्रवाई को अंतिम विकल्प नहीं बनाया जाना चाहिए। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
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