सफदरजंग अस्पताल में एडवांस्ड टीईई मशीन से कार्डियक केयर मजबूत

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Safdarjung Hospital Cardiac Care: नई दिल्ली स्थित वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरजंग अस्पताल ने अपने कार्डियोलॉजी विभाग को और सशक्त बनाते हुए एडवांस्ड ट्रांसइसोफेगल इकोकार्डियोग्राफी (टीईई) मशीन को शामिल किया है। यह पहल कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत फिसर्व, यूनाइटेड वे मुंबई और डीएफवाई इंडिया के सहयोग से पूरी की गई है। नई टीईई मशीन के जरिए जटिल हृदय रोगों की जांच अब अधिक सटीक और तेजी से हो सकेगी। इससे अस्पताल में आने वाले भारी संख्या में मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद है। अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता रानी शर्मा ने कहा…

Safdarjung Hospital Cardiac Care: नई दिल्ली स्थित वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरजंग अस्पताल ने अपने कार्डियोलॉजी विभाग को और सशक्त बनाते हुए एडवांस्ड ट्रांसइसोफेगल इकोकार्डियोग्राफी (टीईई) मशीन को शामिल किया है। यह पहल कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत फिसर्व, यूनाइटेड वे मुंबई और डीएफवाई इंडिया के सहयोग से पूरी की गई है। नई टीईई मशीन के जरिए जटिल हृदय रोगों की जांच अब अधिक सटीक और तेजी से हो सकेगी। इससे अस्पताल में आने वाले भारी संख्या में मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद है।

अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता रानी शर्मा ने कहा कि यह कदम केवल तकनीकी उन्नयन नहीं, बल्कि मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बड़ी और विविध आबादी का इलाज किया जाता है, ऐसे में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता उपचार की गुणवत्ता को काफी बढ़ाती है। साथ ही उन्होंने कार्डियोलॉजी विभाग और विभागाध्यक्ष डॉ. इस्सर की टीम की सराहना की।

स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक बदलाव

डीएफवाई इंडिया के अध्यक्ष डॉ. रजत जैन ने इस साझेदारी को स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण बताया। वहीं फिसर्व की सीएफओ नीतू अग्रवाल ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य ढांचे में निवेश समाज के लिए जरूरी है। इस मौके पर अस्पताल प्रशासन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।