मध्यप्रदेश के मुरैना में एकता परिषद के संयोजक पी वी राजगोपालन ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की मांगों को निकाली गई पदयात्रा को कांग्रेस और भाजपा के आला नेताओं से मिले आश्वासन के बाद स्थगित कर कर दी गई है। श्री राजगोपाल ने आज यहां बताया कि ग्वालियर में 4 अक्टूबर को 20 राज्यों के करीब 25 हजार आदिवासी, किसान, मजदूर जमा हुए थे और इस दिन दिल्ली के लिए निकल चुके थे। मुरैना कल पहुंचने पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनसे भेंट करके उन्हें अपना समर्थन दिया।
इसके पहले ग्वालियर आकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह और फिर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद, सिंह तोमर आकर सत्यग्रहियों की जल जंगल और जमीन से जुड़ मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि दोनों पार्टी के नेताओं से मिले समर्थन के बाद सभी आंदोलनकारी अब अपने अपने घरों को लौट जाएंगे। उन्होंने बताया कि वार्ता के लिए सरकार और विपक्ष के तौर पर कांग्रेस को आमंत्रण भेजा था इसमें से राहुल गांधी ने उनका आमंत्रण स्वीकार किया और वे 06 अक्टूबर मुरैना आए भी।


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