नई दिल्ली : गरीब तबके के बच्चों के लिए प्राथमिक शिक्षा का एकमात्र सहारा सरकारी स्कूल होते हैं, लेकिन अगर इनमें भी दाखिला न मिले तो चिंता बढ़ जाती है। दिल्ली सरकार के नत्थूपुरा राजकीय उच्चतर माध्यमिक बालिका विद्यालय (जीजीएसएसएस) में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां छठी से नौवीं कक्षा में सीटें उपलब्ध न होने के नोटिस चस्पा दिए गए हैं और यहां दाखिले के लिए आवेदन करने वाले बच्चों व उनके अभिभावकों को दाखिले से इंकार किया जा रहा है।
ऐसे में बच्चों व उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर अभिभावकों ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक तरफ शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में दाखिले में गरीब बच्चों को प्राथमिकता देने की बात करता है, दूसरी ओर स्कूल सीट न होने की बात कह कर दाखिले से इंकार कर देते हैं। अभिभावकों ने सवाल किया है कि गरीब बच्चे कहां जाएंगे जब सरकारी स्कूल ही उन्हें दाखिले से इंकार करेंगे।
उन्होंने कहा कि क्या यह असंवैधानिक, गैर कानूनी और मनमानी नहीं है? जानकारी के मुताबिक राजधानी के कई अन्य सरकारी स्कूलों में भी विभिन्न कक्षाओं में दाखिले को लेकर बच्चों व अभिभावकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में रोहिणी, पटेल नगर और सिविल लाइंस स्थित सरकारी स्कूल में दाखिला न मिलने के मामले सामने आए हैं।


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