देशद्रोह मामले में JNU के पूर्व छात्र शरजील इमाम को दिल्ली की साकेत कोर्ट से जमानत मिल गई है। शरजील पर सीएए-एनआरसी के विरोध के दौरान जामिया में कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। 24 जनवरी 2022 को पूर्वी दिल्ली की एक अदालत ने शरजील इमाम के खिलाफ राजद्रोह सहित आईपीसी की कई संगीन धाराओं में आरोप तय कर दिए थे।
जेएनयू के पूर्व छात्र को 2020 में बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया गया था। शरजील इमाम के खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए (देशद्रोह), 153ए, 153बी, 505 और यूएपीए की 13 के तहत आरोप तय किए गए है। बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 16 जनवरी 2020 को शरजील ने जो भाषण दिया था उसके लिए उसपर पांच राज्यों में देशद्रोह का मामला दर्ज हुआ था।
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शरजील पर आरोप है कि उसने 13 दिसंबर 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया और 16 जनवरी 2020 को अलीगढ़ मुस्लिम यूलिवर्सिटी में भड़काऊ भाषण दिया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शरजील इमाम और उमर खालिद और कई अन्य लोग फरवरी 2020 के दिल्ली दंगे से जुड़े हैं। इन दंगों में 50 से अधिक लोग मारे गये थे और 700 लोग घायल हो गये थे।


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