Connaught Place : कनॉट प्लेस और आसपास के प्रमुख इलाकों में अब शाम साढ़े छह बजे के बाद रेहड़ी-पटरी नहीं लगाई जा सकेगी। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिक्रमण रोकने और पैदल यात्रियों के लिए रास्ते खाली रखने के लिए सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है।
निर्धारित समय के बाद रेहड़ी-पटरी लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी, जबकि ‘नो-वेंडिंग जोन’ में लगातार अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया जाएगा। एनडीएमसी की विशेष नजर कनॉट प्लेस, जनपथ, पालिका बाजार, रीगल, रिवोली, हनुमान मंदिर और गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास रहेगी। इन इलाकों में रेहड़ी-पटरी वालों का सत्यापन करने के साथ क्षेत्रीय निरीक्षकों को नियमित रूप से मौके पर जाकर स्थिति की जांच करने को कहा गया है। संवेदनशील और बार-बार अतिक्रमण वाले स्थानों की अलग से पहचान भी की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, 14 सितंबर को संयुक्त निदेशक (प्रवर्तन-उत्तर) के साथ हुई बैठक में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात और लोगों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए ये निर्देश दिए गए। रेहड़ी-पटरी वालों के लिए निर्धारित समय सूर्यास्त अथवा अधिकतम शाम 6:30 बजे तक रहेगा। इसके बाद उन्हें मौके से अपना सामान हटाना होगा। एनडीएमसी ने साफ किया है कि एक बार अतिक्रमण हटाए जाने के बाद उसी स्थान पर दोबारा कब्जा मिलने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय निरीक्षकों को अपने क्षेत्रों में प्रवर्तन गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है।
तिरपाल और अस्थायी ढांचे भी नहीं लगा सकेंगे
कार्रवाई केवल निर्धारित समय तक सीमित नहीं रहेगी। रेहड़ी-पटरी वालों को आवंटित स्थान पर फोटो सहित अपना तहबाजारी प्रमाणपत्र प्रदर्शित करना होगा। स्टॉल, ठेला या सामान आवंटित सीमा से बाहर फैलाने की अनुमति नहीं होगी। फुटपाथ और सड़क को पैदल यात्रियों तथा यातायात के लिए खाली रखना होगा। आवंटित स्थान को तिरपाल, मोमजामा अथवा किसी अन्य अस्थायी ढांचे से ढकने की भी अनुमति नहीं होगी। निर्धारित शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित रेहड़ी-पटरी वाले का प्रमाणपत्र निलंबित अथवा रद्द किया जा सकता है। एनडीएमसी का जोर खासतौर पर उन इलाकों पर है, जहां रेहड़ी-पटरी और अतिक्रमण के कारण शाम के समय पैदल आवाजाही और यातायात प्रभावित होता है।


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