दिल्ली दंगो के आरोपी और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता ताहिर हुसैन को हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने ताहिर हुसैन को नगरपालिका निकाय के पार्षद के रूप में आयोग्य ठहराए जाने के पूर्वी दिल्ली नगर निगम (EDMC) के फैसले पर शुक्रवार को रोक लगा दी है। बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के साम्प्रदायिक दंगों के लिए ताहिर हुसैन को मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
दिल्ली हाई कोर्ट में पीठ ने EDMC के ताहिर हुसैन को पार्षद के रूप में अयोग्य घोषित करने के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि हुसैन की तरफ से ईडीएमसी के निर्णय को चुनौती दी गई है। इस मामले में विस्तृत सुनवाई होनी है। इस मामले में एकल पीठ ने ईडीएमसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं, दूसरी तरफ ईडीएमसी के वकील से पीठ ने अपना पक्ष रखने को कहा। इस याचिका पर अगले साल मार्च में सुनवाई होगी। ताहिर हुसैन के वकील रिजवान ने पुष्टि करते हुए कहा कि पीठ ने ईडीएमसी के आदेश पर रोक लगा दी है। इस मामले में पूर्व ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन की तरफ से उनकी पत्नी ने यह याचिका अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में दायर की है।
बता दें कि ईडीएमसी ने पार्षद को लगातार 3 हाउस मीटिंग में बगैर सूचना के हाजिर ना होने की स्थिति में अयोग्य घोषित किया। वहीं, ताहिर हुसैन की पत्नी की तरफ से दलील दी गई है कि उनके पति को झूठे मामले में हिरासत में रखा गया है। इस बात की जानकारी सभी को है। ऐसे में हुसैन ईडीएमसी की मीटिंग में शामिल नहीं हो सके। इस आधार पर उन्हें अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता।


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