दक्षिणी दिल्ली : ‘खोदा पहाड़, निकली चुहिया’ की कहावत तो आपने कई बार सुनी होगी, लेकिन दिल्ली पुलिस के लिए यह बात उल्टी साबित हुई। दिल्ली पुलिस के महरौली थाना की पुलिस एक लूटपाट के मामले को सुलझाने के लिए तीन आरोपियों को पकड़ कर लाई थी, लेकिन जब उनसे पूछताछ की गई, तो पुलिस की ‘लॉटरी’ निकल गई। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान खुद ही कबूल कर लिया, कि उन्होंने ही उस तैमूर नगर हत्याकांड को अंजाम दिया था, जिसको सुलझाने के लिए पड़ोसी जिले की पूरी पुलिस टीम दिन-रात जुटी हुई थी। तैमूर नगर में घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रहे युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में दोनों आरोपी वांछित थे।
तैमूर नगर में रविवार को रूपेश बसोया की गोली मारकर हत्या की गई थी, जिस मामले ने दिल्ली में तूल पकड़ लिया था। इस मामले में दक्षिण पूर्वी जिला पुलिस की पूरी टीम लगी हुई थी, वहीं दो अक्टूबर को महरौली इलाके स्थित एक ढाबे के पास बंदूक के बल पर लूट के मामले की जानकारी मिली थी, जिसके बाद महरौली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों से पुलिस महरौली के लूटपाट के बारे में पूछताछ कर रही थी, इसी दौरान आरोपियों ने तैमूर नगर हत्याकांड में भी संलिप्तता की बात उजागर कर दी। इस बात की जानकारी मिलते ही दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू की गई।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि महरौली की लूटपाट के मामले में संगम विहार निवासी आकाश, राजपुर खुर्द निवासी अजय राठी और किशनगढ़ निवासी सूरज को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था, जिसमें अजय और आकाश ने तैमूर नगर में हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार को दोनों आरोपियों ने जंगपुरा स्थित भोगल से कार चुराई थी, जिसके बाद तैमूर नगर में उन्होंने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।


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