सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईपीएस) के जिन अधिकारियों की सेवानिवृत्ति में छह माह का कार्यकाल भी बचा हो, उसे पुलिस महानिदेशक बनाने पर विचार किया जा सकता है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि यह संघ लोकसेवा आयोग द्वारा तैयार की जाने वाली भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के पैनल पर लागू होगा। शीर्ष अदालत ने इस संबंध मं अपना फैसला 28 फरवरी को सुरक्षित रख लिया था।
यह आदेश यूपीएससी द्वारा राज्यों में डीजीपी बनाने के लिए बेहतरीन सेवा रिकॉर्ड के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर सेवानिवृत्ति में दो या इससे ज्यादा वर्ष की सेवा अवधि शेष रहने वाले आईपीएस अधिकारियों का पैनल तैयार करने के विरुद्ध दाखिल याचिका पर दिया गया है। अदालत को बताया गया कि यूपीएससी के निर्णय से अफरातफरी की स्थिति पैदा हो रही है और कई वरिष्ठ अधिकारी विरोध में पद से इस्तीफा दे रहे हैं।


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