Delhi University : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के नतीजे में एबीवीपी ने डूसू के चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर यश डबास और सचिव पद पर रिया छावड़ी व संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह समेत तीन पद एबीवीपी के खाते में गए, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। जीत के बाद विजयी छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि छात्र की हितों के लिए वह अपनी सरकार से भी लड़ जाएंगे। दोनों विजयी छात्र नेताओं ने कहा हॉस्टल और छात्राओं की सुरक्षा का मसला सबसे ऊपर है। चुनाव प्रचार के दौरान छात्र सुरक्षा, हॉस्टल और पीजी की स्थिति जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे। मतदान से पहले सत्य निकेतन में पीजी इमारत गिरने की घटना ने इन सवालों को और गंभीर बना दिया था। हादसे में डीयू के विद्यार्थियों की मौत के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र संगठनों ने परिसर के बाहर रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे।
इससे पहले जंतर-मंतर पर नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में जेन-जी युवाओं का प्रदर्शन भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा था। ऐसे घटनाक्रमों के बीच यह माना जा रहा था कि युवा मतदाताओं से जुड़े मुद्दे डूसू चुनाव के समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन जब चुनाव परिणाम चौंकाने वाले निकले। एबीवीपी ने तीन पदों पर शानदार जीत दर्ज की। जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी एनएसयूआई के हाथ एक भी सीट नहीं लगी। यश ने ही कहा कि डीयू के छात्रों और जेन-जी ने विपक्ष के तमाम नैरेटिव को खारिज करते हुए राष्ट्रवाद और विद्यार्थी परिषद की नीतियों पर अपना भरोसा जताया है।
अब चुनाव समाप्त होने के बाद संगठन और नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने प्रचार के दौरान किए गए वादों को जमीन पर उतारने की चुनौती है। छात्रावास, पीजी में सुरक्षा, फीस और विद्यार्थियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर छात्रों की नजर नई टीम के कामकाज पर रहेगी। छात्र संघ चुनाव में जीत के बाद अध्यक्ष यश डबास और सचिव रिया छावड़ी ‘पंजाब केसरी’ के कार्यालय पहुंची। जहां पंजाब केसरी के मेट्रो एडिटर सतेन्द्र त्रिपाठी व संवाददाता आशुतोष शांडिल्य ने उनके साथ छात्र राजनीति, कैंपस की समस्याओं और उनके भविष्य के विजन पर बेबाक बातचीत की…
अभी एवीबीपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। आप लोगों ने छात्र संघ चुनाव से पहले तमाम वादे छात्रों से किए हैं। इन दिनों छात्रों की सुरक्षा का मामला सुर्खियों में है ?
डीयू की छात्राओं की सुरक्षा व सुविधाओं के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता से काम करेंगी। एक किसान परिवार और खेल (बास्केटबॉल) की पृष्ठभूमि से आने वाली रिया ने कहा कि वह जमीनी स्तर से जुड़ी हैं और चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें छात्राओं का भरपूर समर्थन मिला। छात्रों ने जिस उम्मीद के साथ उन्हें वोट दिया है, वह उस पर पूरी तरह खरी उतरेंगी। रिया छावड़ी ने जोर देकर कहा कि डीयू कैंपस और कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए वे सभी कॉलेजों में एक व्यापक ‘सेफ्टी ऑडिट’ (सुरक्षा मूल्यांकन) करवाएंगी और उस रिपोर्ट को पब्लिक डोमेन में जारी करेंगी ताकि कमियों को दूर किया जा सके। इसके लिए पिंक बूथ बढ़ाने, पार्कों में डार्क एरिया में लाइटिंग करने, कालेज में पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाने के लिए पुलिस से कहा है।
सत्य निकेतन में जिस तरह से पीजी की एक इमारत के गिरने के कई छात्रों की मौत हो गई थी, उसके बाद हॉस्टल बढ़ाए जाने का सवाल उठा है। अब छात्र संघ का चुनाव जीतने के बाद इस पर आप लोगों का पहला कदम क्या होगा ?
सत्य निकेतन की घटना ने यह साफ कर दिया है कि छात्रों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त आवास की व्यवस्था अब सिर्फ सुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि सुरक्षा का सवाल है। छात्र संघ का चुनाव जीतने के बाद हमारा पहला कदम दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ तत्काल बैठक करना होगा। हम विश्वविद्यालय के सभी हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था, क्षमता और खाली पड़ी जगहों का विस्तृत आकलन कराने की मांग करेंगे। इसके साथ ही जबतक एमसीडी आयुक्त का इस्तीफा नहीं होगा, हमारी लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही पीजी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए हम अड़े रहेंगे। चंद पैसों के लिए एमसीडी जो अवैध रूप से इजाजत दे देते हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई कराने के लिए हम संघर्ष करते रहेंगे। इसके साथ ही नए हॉस्टलों के निर्माण की समयबद्ध योजना, मौजूदा हॉस्टलों में सीटों की संख्या बढ़ाने और छात्रों के लिए सुरक्षित एवं किफायती आवास की व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने ठोस प्रस्ताव रखेंगे। खास तौर पर छात्राओं और दिल्ली से बाहर से आने वाले छात्रों की समस्या को प्राथमिकता दी जाएगी। हमारा प्रयास होगा कि सिर्फ आश्वासन न मिले, बल्कि इसके लिए स्पष्ट समयसीमा और जवाबदेही भी तय हो।
छात्रों की पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान कैसे करेंगे। बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा बन कर उभर रहा है ?
यश डबास ने छात्रों से जुड़ी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि डीयू के कॉलेजों में पानी, साफ वॉशरूम और अन्य सुविधाओं से जुड़ी दिक्कतें लंबे समय से छात्रों के सामने हैं। इन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाकर स्थायी समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने हॉस्टल की कमी का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने की जरूरत है। इसके अलावा छात्रों के लिए बेहतर प्लेसमेंट और इंटर्नशिप के अवसर बढ़ाने पर भी काम करने की बात कही। यश डबास ने कहा कि उनका फोकस केवल वादों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्रों की रोजमर्रा की समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर क्या अपेक्षा है ?
रिया छावड़ी ने कहा रेखा गुप्ता एक मजबूत महिला नेता हैं। वह खुद दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ी हैं और वह खुद भी डूसू की अध्यक्ष रह चुकी हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए काम के साथ महिला सुरक्षा पर भी और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। खासतौर पर डीयू की छात्राओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री से और काम करने की मांग है।
डूसू में आपके राजनीतिक आदर्श कौन है ?
यश डबास और रिया छावड़ी दोनों ने कहा पूर्व केंद्रीय मंत्री और डीयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली मेरे आदर्श हैं।
आज के दौर में सोशल मीडिया और रीलबाजी को लेकर आप क्या कहना चाहेंगे ?
यश डबास ने कहा मेरा मानना है कि सोशल मीडिया अपनी जगह है, लेकिन असली पहचान जमीन पर किए गए काम से बनती है। जो व्यक्ति छात्रों के बीच रहता है, उनकी समस्याएं सुनता है और उनके लिए लगातार काम करता है, उसकी पकड़ छात्रों के बीच ज्यादा मजबूत होती है। आपने इस चुनाव में भी देखा कि हमारे सामने जो प्रत्याशी चुनाव लड़ रहा था, उसकी सोशल मीडिया पर अच्छी-खासी फॉलोइंग थी और वह लगातार रील्स के जरिए सक्रिय दिखाई देता था। लेकिन जब बात ग्राउंड पर छात्रों के बीच पहुंचने और उनसे सीधे जुड़ने की आई, तो तस्वीर अलग नजर आई। एबीवीपी ने छात्रों के बीच लगातार संपर्क और जमीनी स्तर पर काम किया। मेरा मानना है कि रील और सोशल मीडिया प्रचार का माध्यम हो सकते हैं, लेकिन छात्र राजनीति में छात्रों के बीच मौजूद रहना, उनकी समस्याओं को समझना और उनके लिए काम करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
छात्राओं की सुरक्षा के लिए आपकी टीम क्या पहल कर रही है ?
रिया छावड़ी ने कहा छात्राओं के साथ जब भी कोई घटना होती है, मैं उसे गंभीरता से लेती हूं। सिर्फ बातें करने से काम नहीं चलेगा। छात्राओं की सुरक्षा के लिए जमीन पर उतरकर काम करने की जरूरत है। मैं और मेरी टीम सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर खुलकर काम करेंगे और छात्राओं को सुरक्षित माहौल देने का प्रयास करेंगे। यश डबास ने कहा हमने व्यक्तिगत स्तर पर एक व्हाट्सएप नंबर 8448157333 जारी किया है। डीयू परिसर या आसपास किसी छात्र को कोई ऐसी जगह दिखाई देती है, जहां अंधेरा रहता है, स्ट्रीट लाइट खराब है या सीसीटीवी की जरूरत है, तो वह उस स्थान की जियो-टैग्ड फोटो हमें भेज सकता है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के सामने उस समस्या को उठाया जाएगा। जरूरत के मुताबिक सीसीटीवी लगवाने, नई स्ट्रीट लाइट लगाने या खराब लाइट ठीक कराने की मांग की जाएगी।


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