मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि राज्य की पंद्रह वर्ष पुरानी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने लगातार विकास कार्य करने के साथ ही प्रत्येक वर्ग के साथ संवाद स्थापित किया है, इसलिए आम लोगों के बीच सत्ताविरोधी प्रभाव (एंटी इंकंबेंसी फैक्टर) जैसी कोई चीज नहीं है।
विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की ओर से प्रचार कार्य में जुटे श्री चौहान ने यूनीवार्ता से कहा इस संबंध में विपक्ष दुष्प्रचार का प्रयास कर रहा है। लेकिन राज्य की जनता कांग्रेस और उसके नेताओं को अच्छी तरह समझ चुकी है और अब उसके बहकावे में आने वाली नहीं है। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि वे स्वयं पिछले कई महीनों से प्रतिदिन औसतन आठ से दस सभाएं कर रहे हैं। हजारों लोगों से मिल रहे हैं। उन्हें‘एंटी इंकंबेंसी’नजर नहीं आती है।
श्री चौहान ने कहा कि वर्ष 1993 से 2003 के मध्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल को राज्य की जनता आज भी नहीं भुला पायी है। उस समय जनता सड़क, बिजली और पानी आदि के लिए भी तरस गयी थी। पूरे देश में मध्यप्रदेश की छवि बीमारू राज्य की हो गयी थी। दिसंबर 2003 में भाजपा सरकार में आयी और उसने सबसे पहले राज्य को पटरी पर लाने का कार्य किया और धीरे धीरे विकास कार्यों को गति दी गयी।
श्री चौहान ने कहा कि 2003 से 2018 तक हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों से अब राज्य में अब सड़क, बिजली और पानी मुद्दा नहीं हैं। डेढ़ लाख किलोमीटर सड़कें बनायी गयीं। बिजली शहरों ही नहीं गांवों तक पहुंचा दी गयी और आज बिजली की उपलब्धता लगभग 18 हजार मेगावाट है। शहरों, नगरों और यहां तक कि गांवों में भी पेयजल मुहैया कराया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के कल्याण की भी अनेक योजनाएं सफल तरीके से क्रियान्वित की गयीं। इन सब वजहों से अब मध्यप्रदेश, बीमारू की श्रेणी से निकलकर विकसित राज्यों की कतार में आ गया है।
श्री चौहान ने कहा कि इन्हीं विकास कार्यों से प्रभावित होकर राज्य की जनता भाजपा को लगातार चौथी बार सत्ता में लाएगी। आने वाले दिनों में अब इस राज्य में विकास कार्यों को और गति दी जाएगी। भाजपा अपना घोषणापत्र (दृष्टिपत्र) पहले ही सामने ला चुकी है और नयी सरकार इसके अनुरूप अपना कार्य शुरू करेगी।


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