ममता की मजबूरी का फायदा उठाने वाले को 20 साल की कैद: तीस हजारी कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा

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Tis Hazari Court Verdict: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने बच्चों के सामने मां का रेप करने के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। घटना साल 2023 की है, जब दोषी की चाकू की नोंक पर एक महिला के साथ उसके बच्चों के सामने रेप किया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रियंका भगत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी को सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि भले ही दोषी की उम्र कम हो, लेकिन जिस क्रूरता के साथ उसने एक बेबस महिला को बच्चों के सामने डराया, उसके लिए…

Tis Hazari Court Verdict: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने बच्चों के सामने मां का रेप करने के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। घटना साल 2023 की है, जब दोषी की चाकू की नोंक पर एक महिला के साथ उसके बच्चों के सामने रेप किया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रियंका भगत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी को सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि भले ही दोषी की उम्र कम हो, लेकिन जिस क्रूरता के साथ उसने एक बेबस महिला को बच्चों के सामने डराया, उसके लिए कानून में नरमी की कोई जगह नहीं है। कोर्ट ने आरोपी को आईपीसी की धारा 376डी, 506(भाग-दो) व शस्त्र अधिनियम की धारा 27(एक) के तहत दोषी ठहराया था। इस मामले में नबी करीम थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी।

आरोपी हाथ में चाकू लहराते हुए पहुंचा

अभियोजन के मुताबिक 10 अगस्त 2023 की रात पीड़िता के पति ने शराब के नशे में झगड़ा करने के बाद उसे और उसके तीन छोटे बच्चों को घर से बाहर निकाल दिया था। पीड़िता सुबह करीब साढ़े चार बजे एक चाय की दुकान पर बैठी थी। यहीं पर आरोपी हाथ में चाकू लहराते हुए पहुंचा और महिला को साथ चलने के लिए मजबूर किया। पीड़ित महिला ने जब मना किया तो आरोपी ने उसके बच्चों की जान लेने की धमकी दी। अपनी ममता और बच्चों की सुरक्षा के आगे मजबूर होकर महिला को उसके साथ गली में जाना पड़ा, जहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

ममता और बच्चों की सुरक्षा के आगे मजबूर

इस बीच आरोपी के दो नाबालिग दोस्त भी वहां आ पहुंचे और एक नाबालिग ने पीड़िता के साथ दरिंदगी की, जबकि दूसरा वहीं पर खड़ा रहा। कोर्ट ने पीड़िता के बयान को विश्वसनीय मानते हुए पाया कि एक महिला का बयान ही सजा के लिए पर्याप्त है। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक ने कोर्ट को बताया कि आरोपी ने न केवल मासूम बच्चों के सामने महिला की गरिमा को तार-तार किया, बल्कि विरोध करने पर पीड़िता की बेटी के पेट पर चाकू लगाकर उसे जान से मारने की धमकी भी दी। ऐसे में वह अधिकतम सजा का हकदार है।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।