20 साल बाद ‘जिंदा’ हुए ट्रिपल मर्डर के आरोपी को मिली जमानत

Summary :

Triple Murder Accused Granted Bail After 20 Years: दो दशकों तक कानून की आंखों में धूल झोंककर पुलिस को चकमा देने वाले ट्रिपल मर्डर के आरोपी नौसेना के पूर्व कर्मचारी को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दे दी है। बता दें कि आरोपी खुद को मृत बताकर 20 वर्षों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा था। आरोपी पर न केवल ट्रिपल मर्डर का आरोप है बल्कि उस पर भारतीय नौसेना के साथ वित्तीय धोखाधड़ी कर आर्थिक लाभ हासिल करने का भी आरोप है। पिछले 29 महीनों से जेल में बंद आरोपी की जमानत याचिकाएं इससे पहले दो…

Triple Murder Accused Granted Bail After 20 Years: दो दशकों तक कानून की आंखों में धूल झोंककर पुलिस को चकमा देने वाले ट्रिपल मर्डर के आरोपी नौसेना के पूर्व कर्मचारी को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दे दी है। बता दें कि आरोपी खुद को मृत बताकर 20 वर्षों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा था। आरोपी पर न केवल ट्रिपल मर्डर का आरोप है बल्कि उस पर भारतीय नौसेना के साथ वित्तीय धोखाधड़ी कर आर्थिक लाभ हासिल करने का भी आरोप है। पिछले 29 महीनों से जेल में बंद आरोपी की जमानत याचिकाएं इससे पहले दो बार खारिज हो चुकी थी। हांलाकि इस बार कोर्ट से आरोपी को जमानत मिल गई है।

पत्नी के साथ मिलकर खुद को साबित किया था मृत

दरअसल, आरोपी जो कि नौसेना का पूर्व कर्मचारी था, ने खुद को बचाने के लिए अपनी ही मौत की साजिश रची थी। आरोपी ने पहले अपने एक रिश्तेदार की जान ली, और फिर साक्ष्य मिटाने व पहचान छिपाने के लिए एक ट्रक में दो निर्दोष मजदूरों को जिंदा जला डाला था। साजिश के तहत आरोपी की पत्नी ने जले हुए शवों में से एक की पहचान अपने पति के रूप में की। इसके आधार पर फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाकर पूरी दुनिया की आंखों में धूल झोंका। यही नहीं आरोपी नौसेना से रिटायर्ड था। ऐसे में उसकी ‘मौत’ का नाटक सफल होने के बाद, उसकी पत्नी कई वर्षों तक नौसेना से मिलने वाले सभी पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ भी उठाती रही थी।

सीनियर सिटीजन हूं, बीमारी से भी ग्रसित हूं, प्लीज जमानत दे दीजिए

आरोपी की तरफ से कोर्ट में पेश अधिवक्ता रवि दराल ने जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दलील दी कि आरोपी की उम्र 62 साल है और वह कई गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित है। अधिवक्ता रवि दराल ने कोर्ट को बताया कि जेल के डॉक्टर ने भी कहा है कि आरोपी को हार्ट अटैक का खतरा है और उसे बेहतर देखभाल की जरुरत है, जो कि जेल में संभव नहीं है। अधिवक्ता रवि दराल ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी की पत्नी भी कैंसर की मरीज है, ऐसे में उसकी उम्र व परिस्थितियों के मद्देनजर जमानत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और उस पर आरोप भी तय किए जा चुके हैं, ऐसे में उसे जेल में रखने से कोई उद्देश्य नहीं पूरा होगा।

20 साल तक पुलिस को देता रहा धोखा

जानकारी के मुताबिक आरोपी बलेश जब 40 साल का था, तो उसने राजधानी के बवाना इलाके में अपने एक रिश्तेदार की हत्या कर दी थी।हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद वह अपने ट्रक से राजस्थान भाग गया था। यहां उसने अपनी ट्रक में आग लगा दी और अपने दो कर्मचारियों को जला कर मार डाला। राजस्थान पुलिस ने अपनी जांच में जल कर मरे एक शख्स की पहचान बलेश के तौर पर की और दूसरी डेड बॉडी को अज्ञात माना गया। बलेश के घरवालों ने भी एक शव की पहचान बलेश के तौर पर ही की थी। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने इन दोनों मौतों को संदिग्ध मान कर केस बंद कर दिया था। यह शख्स 20 साल तक सबकी नजरों में मरा रहा। हांलाकि इस दौरान आरोपी दिल्ली के नजफगढ़ इलाके के एक घर में अपने परिवार के साथ आराम से रह रहा था और उसने अपना नाम भी बदल लिया था। हांलाकि एक गुप्त सूचना पर दिल्ली पुलिस ने साल 2023 में पूरी साजिश का भंडाफोड़ करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और तभी से वह जेल में बंद था।

रिपोर्ट: रीतेश मिश्रा

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।