हरिद्वार : ऋषिकुल ग्राउंड में चल रहे देवभूमि स्वदेशी मेले में दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा गंगा को लेकर किसी की नीयत में जरा भी खोट नहीं है। मैं दावे के साथ कहती हूं। कहा हमने गंगा स्वच्छता और संरक्षण के लिए 20 हजार करोड़ का प्लान बनाए। कहा गंगा में आस्था में सभी रखते है, मगर समझ नहीं होती।
मेरी भी आस्था थी, जिस पर बहुत से विद्वानों से मिलकर समझ बढ़ी। 2016 में इसी मैदान पर इसके क्रियान्वयन का कदम बढ़ाया गया। कहा केंद्र सरकार के प्रयास से गंगा स्वच्छता आज मिशन बन गया है। कहा गंगा के किनारे के गांव ओडीएफ हो चुका है, लेकिन आज भी इसमें नालों का कचरा जाता है। कहा अब गंगा किनारे 25 पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से सालिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट की योजना चल रही है।
उमा भारती ने कहा कि मैं कभी गंगा स्वच्छता के काम से अलग हो ही नहीं सकती। कहा दुनिया के दस सबसे गंदी नदियों में गंगा है और इसमें सबसे अधिक स्ट्रेच कानपुर है। कहा उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार इस दिशा में गंभीरता से बढ़ रही है। कहा गंगा में अविरलता का कारण प्रदूषण है।
इसे गंगा की निर्मलता युवा किशोरी के श्रृंगार जैसा होना चाहिए। कहा गंगा पर निर्मलता के साथ अविरलता जरूरी है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा गंगा पर बांध बने, लेकिन उसकी एक भी धारा को रोकें नहीं। कहा गंगा को खराब करने वालों के लिए गंगा एक्ट जरूरी है। कहा जीडी अग्रवाल और अशोक सिंघल की आत्मा आज भी गंगा के साथ जुड़ी है।
मैं गंगा को स्वच्छ कराकर ही भविष्य में उनसे मिलूंगी। कहा राम की जन्मभूमि पर मंदिर ही बनेगा कुछ और नहीं बनेगा यह तय हैं। उसी प्रकार गंगा की स्वच्छता, निर्मलता और अविरलता होकर रहेगी यह भी तय हैं।


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