हरिद्वार : केन्द्र सरकार के आदिम जाति मामलों के राज्यमंत्री जसवंत सिंह भाभोर सपरिवार गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुंचे। यहां उन्होंने गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डा. प्रणव पण्ड्या व शैलदीदी से भेंट की। इस अवसर पर गायत्री परिवार द्वारा संचालित हो रहे समाज कल्याण के विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों को जाना।
इस अवसर पर गायत्री परिवार प्रमुख डा. पण्ड्या ने कहा कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने पचास के दशक से समाज कल्याण के लिए जो अभियान प्रारंभ किया है, उसे गति देने का काम इन दिनों किया जा रहा है। अपने छत्तीसगढ़ प्रवास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व ही छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में दण्डकारण्य परियोजना का उद्घाटन हुआ है।
इस परियोजना से छत्तीसगढ़ के आठ जिलों के हजारों नर-नारी लाभान्वित होंगे। यहां कौशल विकास से लेकर विभिन्न कुटीर उद्योग का निःशुल्क प्रशिक्षण दिये जायेंगे। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस निमित्त शांंतिकुंज व छत्तीसगढ़ के विषय विशेषज्ञों की टीम जुटी है। इससे पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री भाभोर ने महिला मण्डल की बहिनों द्वारा संचालित गायत्री महायज्ञ में भाग लिया।
पश्चात् वे ऋषियुग्म की पावन समाधि में ध्यान साधना व पुष्पांजिल अर्पित कर अपने मंत्रालय की सफलता हेतु प्रार्थना की। वहीं शांतिकुंज स्थित रचनात्मक प्रकोष्ठ के समन्वयक केदार प्रसाद दुबे ने भाभोर को निर्मल गंगा जन अभियान, महिला जागृति अभियान, कन्या कौशल विकास योजना आदि परियोजनाओं से अवगत कराया।
केन्द्रीय राज्यमंत्री ने शांतिकुंज द्वारा संचालित अभियान की बारिकियों को जानकार प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे एक प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि शांतिकुंज ने जिस तरह समाज कल्याण के कार्य में जुटा है, इससे सभी को अपनाना चाहिए। इससे पूर्व शांतिकुंज पहुंचने पर व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र सहित वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर हरिमोहन गुप्ता, कीर्तन देसाई आदि उपस्थित रहे।


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