Yarn and Dye Price Hike: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के चलते एलपीजी की कमी और फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोलियम के बढ़ते दामों से अब धीरे धीरे सभी चीजों के दाम बढ़ने लगे हैं। कपड़ा बनाने के लिए प्रयोग होने वाला धागा भी अब इससे अछूता नहीं रह गया है। व्यापारियों की माने तो धागे की कीमतों में 25 से 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में कपड़ों के दाम में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है। यही नहीं व्यापारियों की मानें तो डाइंग और केमिकल्स के दाम बढ़ने से भी उनकी मुश्किल बढ़ गई है, जिसका असर उत्पादन पर भी पड़ रहा है।
धागे की कीमतों में करीब 25 से 30 फीसदी तक उछाल
गांधी नगर मार्केट के व्यापारियों का कहना है कि धागे की सप्लाई मुख्य रूप से नॉर्थ इंडिया, मुजफ्फरनगर, पानीपत व अन्य कई जगहों से होती है, लेकिन फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी की किल्लत और इंडस्ट्रियल डीजल के बढ़े दामों के चलते उत्पादन काफी धीमा हो गया है। साथ ही कच्चे माले के बढ़े दामों के चलते धागे की कीमतों में करीब 25 से 30 फीसदी तक उछाल आया है। इतना ही नहीं, देश के बाहर से आने वाले केमिकल के दामों में भी करीब 30 फीसदी की बढोतरी हुई है। साथ ही धागे पर होने वाली डाइंग के दाम भी बढ़ गए हैं।
इसके अलावा, बाहर से आने वाले कच्चे माल की बढ़ती लागत ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। हालात यह हैं कि व्यापारियों को अब 30 से 45 दिन पहले ऑर्डर बुक करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि जहां उनको पहले दो दिन में माल मिल जाता था, वहीं अब 30 से 45 दिन बाद सप्लाई हो रही है, जिससे पूरे कारोबार की रफ्तार प्रभावित हो रही है। इसके अलावा धागे के बढ़ते दामों के चलते व्यापारी पुराना और नया माल मिक्स करके बेचने को मजबूर हैं।
ऑर्डरों में आई 30 से 40 फीसदी की गिरावट
व्यापारियों का कहना है कि ऑर्डरों में भी 30 से 40 फीसदी गिरावट आई है। ऐसे में उनका व्यापार काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो ऑर्डर पहले उनके पास आ चुके हैं। उनकी डिलीवरी देने में समय लग रहा है। क्योंकि माल पीछे से ही काफी लेट आ रहा है। ऐसे में उनको डिलीवरी में भी समय लग रहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि ग्राहक नए माल को भी पुराने रेट पर नहीं खरीदने को तैयार नहीं हैं।
दामों में आई तेजी
व्यापारियों के अनुसार, जो धागा पहले 250 रुपये किलो आ रहा था। अब उसके दाम बढ़कर 300 रुपये के आसपास पहुंच गया हैं। साथ ही धागे में इस्तेमाल होने वाले कलर के भी पैसे बढ़ गए हैं। जिसमें जो कलर करीब 700 रुपये लीटर आ रहा था। अब करीब 900 रुपये लीटर हो गया है। इतना ही नहीं, कैमिकल के दामों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। जिसमें करीब 600 रुपये लीटर मिलने वाला कलर अब करीब 1000 रुपये से अधिक लीटर में मिल रहा है।
रिपोर्ट: प्रशांत चौहान


Download Android App
Download iOS App




