जड़ों से जुड़े रहने की ललक तो होती ही है, वैसे भी नामों पर किसी का एकाधिकार नहीं होता। कनाडा वालों ने यह बात सिद्ध कर दिखाई है। कुछ दिन पूर्व मेरे एक नाती (इस समय कनाडा वासी) का फोन आया। मैंने सहज भाव से पूछ लिया, इस समय कहां हो? उत्तर मिला, ‘मैं लंदन से बोल रहा हूं नानू जी।’ मैं आश्चर्यचकित रह गया। ‘वहां कैसे जा पहुंचे?’ उत्तर मिला, ‘मैं यहीं लंदन यूनिवर्सिटी में पढ़ता रहा हूं। अब यहीं किराए के मकान में अपनी पत्नी के साथ रहता हूं।’ फिर उसने उसी क्रम में मेरी उत्सुकता शांत की, ‘आप हैरान न हों। यह लंदन कनाडा का ही एक महानगर है। यह लंदन वो नहीं है, ब्रिटेन की राजधानी वाला।’
मेरा अगला सवाल इसी से जुड़ा हुआ था, ‘मगर यह कैसे?’ उसने मुझ पर ऐसी ही सूचनाओं की बौछार कर दी। ‘यहां कनाडा में सिर्फ लंदन नहीं, ‘लखनऊ’ भी है, दिल्ली भी है, आक्सफोर्ड स्ट्रीट भी है, विक्टोरिया स्ट्रीट भी है। एक ‘लेन’ का नाम दिस स्ट्रीट (यह गली) है और एक अन्य लेन का नाम ‘दैट स्ट्रीट’ है।’ ये सारे चमत्कार कनाडा के एक प्रांत ओंटारियो में मौजूद हैं और इनका अपना-अपना पिन कोड भी मौजूद है।
यह जानकारी भी दिलचस्प होगी कि कनाडा में ही लगभग 250 गुरुद्वारे व स्वामी नारायण व इस्कान सहित 230 मंदिर हैं। सभी गुरुद्वारे सभी दसों पातशाहियों को समर्पित हैं। ओंटारियो में स्थित मुख्य भारतीय नाम वाले इलाके निम्नलिखित हैं-
1. लखनऊ : यह कनाडा के ओंटारियो प्रांत में स्थित एक छोटी और खूबसूरत आबादी है।
खास बात: इस कस्बे का नाम सीधे तौर पर भारत के उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नाम पर रखा गया है। वर्ष 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश सेना द्वारा किए गए ‘रिलीफ ऑफ लखनऊ’ की याद में ब्रिटिश शासकों ने इसका नाम लखनऊ रखा था।
2. दिल्ली : भारत की राजधानी नई दिल्ली की तरह ही ओंटारियो के ‘नॉरफॉक काउंटी’ में दिल्ली नाम का एक कस्बा है।
उच्चारण में अंतर: हालांकि इसकी स्पेलिंग भारत की दिल्ली जैसी ही है, लेकिन कनाडा के लोग इसे ‘डेल्ही’ न बोलकर ‘डेल-हाई’ पुकारते हैं।
पहचान : इसे कनाडा में ‘हार्ट ऑफ द टोबैको कंट्री’ के रूप में भी जाना जाता रहा है।
3. शिमला : भारत के चर्चित हिल स्टेशन ‘शिमला’ के नाम पर भी ओंटारियो में एक अनइनकॉर्पोरेटेड इलाका मौजूद है। ब्रिटिश अधिकारियों ने भारत के ठंडे और खूबसूरत हिल स्टेशन की याद में इस जगह का नामकरण किया था।
नाम के पीछे का कारण : कनाडा और भारत दोनों लंबे समय तक ब्रिटिश साम्राज्य के हिस्से रहे थे। उस दौरान कई ब्रिटिश सेना अधिकारी, सर्वेक्षक और गवर्नर भारत में सेवा देने के बाद कनाडा जाकर बस गए। उन्होंने अपनी पुरानी यादों और भारत के ऐतिहासिक शहरों के सम्मान या याद में ओंटारियो के इन नए कस्बों का नाम लखनऊ, दिल्ली और शिमला रख दिया।
लखनऊ, ओंटारियो : लखनऊ कनाडा के ओंटारियो राज्य के ब्रूस काउंटी में स्थित एक कस्बा है ।
लखनऊ में स्कॉटिश संस्कृति की समृद्ध विरासत है जिसकी जड़ें 1800 के दशक के उत्तरार्ध तक जाती हैं, जब लगभग 20 वर्षों तक लखनऊ ‘कैलेडोनियन गेम्स’ का बोलबाला रहा। लखनऊ के स्वागत चिन्ह में लखनऊ के लोक नायक डोनाल्ड डिनी को सम्मानित किया गया है। विश्व के इस चैंपियन पहलवान और हैवीवेट एथलीट ने 1882 में लखनऊ में आयोजित गेम्स में भाग लिया था हालांकि उनका इस समुदाय से कोई सीधा संबंध नहीं था, फिर भी वे लोककथाओं का हिस्सा बने हुए हैं।
गांव का नाम लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत के नाम पर रखा गया है, जहां 1857 में भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों और ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना के बीच भारतीय विद्रोह हुआ था। लखनऊ नाम ‘सिपाही’ से लिया गया है, जो लखनऊ की मुक्ति में ब्रिटिश पक्ष से लड़ने वाले भारतीय पैदल सैनिकों को संदर्भित करता है। कैंपबेल स्ट्रीट के नाम की उत्पत्ति के बारे में दो सिद्धांत हैं, एक यह है कि मुख्य सड़क का नाम राहत बलों के नेता सर कॉलिन कैंपबेल के नाम पर रखा गया था। दूसरा यह है कि सड का नाम समुदाय के पहले व्यापारी मैल्कम कैंपबेल के नाम पर रखा गया है।
इस लखनऊ में हर साल जून के चौथे सप्ताहांत में स्ट्रॉबेरी समरफेस्ट का आयोजन होता है। इस आयोजन में युवा फुटबॉल टूर्नामेंट, पुरुष और महिला स्लो-पिच टूर्नामेंट, बीयर टेंट, विक्रेता बाजार, शनिवार को स्ट्रीट एंटरटेनमेंट और दो नृत्य कार्यक्रम शामिल होते हैं। इन नृत्य कार्यक्रमों में थॉर्नली और किम मिशेल जैसे कलाकार प्रस्तुति दे चुके हैं ।
म्यूजिक इन द फील्ड्स लखनऊ किंसमेन और स्थानीय स्वयंसेवकों द्वारा आयोजित एक वार्षिक तीन दिवसीय कंट्री म्यूजिक फेस्टिवल है। यह आयोजन पूरी तरह से धर्मार्थ है और इसने स्थानीय स्टेडियम के लिए नई आइस रिफ्रेसर और नए टेनिस कोर्ट जैसी परियोजनाओं के लिए धन जुटाया है। इसने सिस्टिक फाइब्रोसिस (किंसमेन का राष्ट्रीय धर्मार्थ संगठन) के लिए एक लाख डॉलर से अधिक और अन्य धर्मार्थ संगठनों के लिए 10 लाख डॉलर से अधिक की धनराशि भी जुटाई है। यह आयोजन अगस्त के अंतिम सप्ताहांत में लखनऊ किंसमेन ग्रेसलैंड प्रॉपर्टी में होता है।
कनाडा में भी लखनऊ, दिल्ली और लंदन
Summary :
जड़ों से जुड़े रहने की ललक तो होती ही है, वैसे भी नामों पर किसी का एकाधिकार नहीं होता। कनाडा वालों ने यह बात सिद्ध कर दिखाई है। कुछ दिन पूर्व मेरे एक नाती (इस समय कनाडा वासी) का फोन आया। मैंने सहज भाव से पूछ लिया, इस समय कहां हो? उत्तर मिला, ‘मैं लंदन से बोल रहा हूं नानू जी।’ मैं आश्चर्यचकित रह गया। ‘वहां कैसे जा पहुंचे?’ उत्तर मिला, ‘मैं यहीं लंदन यूनिवर्सिटी में पढ़ता रहा हूं। अब यहीं किराए के मकान में अपनी पत्नी के साथ रहता हूं।’ फिर उसने उसी क्रम में मेरी उत्सुकता शांत की,…


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