इमरान ख़ान के साथ किया जाए इंसानियत का सलूक

Summary :

हाल ही में पाकिस्तान में दो भारतीय क्रिकेटरों के बयान वायरल हो रहे हैं। क्रिकेट संसार के दिग्गज पूर्व भारतीय कप्तान, कपिल देव और रवि शास्त्री ने अपने वीडियो पूर्व पाकिस्तान प्रधानमंत्री और क्रिकेट कप्तान के स्वास्थ्य और उनकी क़ैद में होने पर अपनी चिंता प्रकट की है और पाकिस्तान सरकार की भर्त्सना की है। पाकिस्तान में जंगल राज है और जनता द्वारा चुने हुए प्रधानमंत्री को आसिम मुनीर और शहबाज़ शरीफ़ ने ग़ैर क़ानूनी रूप से जेल में ठूंस रखा है और उनकी बहनों के अनुसार, उन्हें खाने में स्लो पॉयजन दिया जा रहा है। उनकी एक आंख भी…

हाल ही में पाकिस्तान में दो भारतीय क्रिकेटरों के बयान वायरल हो रहे हैं। क्रिकेट संसार के दिग्गज पूर्व भारतीय कप्तान, कपिल देव और रवि शास्त्री ने अपने वीडियो पूर्व पाकिस्तान प्रधानमंत्री और क्रिकेट कप्तान के स्वास्थ्य और उनकी क़ैद में होने पर अपनी चिंता प्रकट की है और पाकिस्तान सरकार की भर्त्सना की है। पाकिस्तान में जंगल राज है और जनता द्वारा चुने हुए प्रधानमंत्री को आसिम मुनीर और शहबाज़ शरीफ़ ने ग़ैर क़ानूनी रूप से जेल में ठूंस रखा है और उनकी बहनों के अनुसार, उन्हें खाने में स्लो पॉयजन दिया जा रहा है। उनकी एक आंख भी चली गई है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान ख़ान के समर्थन में भारत के अन्य कई और क्रिकेटरों ने महत्वपूर्ण बयान दिए हैं। विशेष रूप से सुनील गावस्कर, मोहिंदर अमरनाथ और बलविंदर संधु ने उनके साथ मानवीय व्यवहार और उचित चिकित्सा सुविधा की मांग की है। नवंबर 2026 तक उपलब्ध समाचारों के अनुसार सुनील गावस्कर ने कहा कि वह इमरान को 17 वर्ष की उम्र से जानते हैं। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन इमरान को मानवीय आधार पर उचित चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही इमरान एक दुश्मन देश के खिलाड़ी रहे हैं, मगर जब-जब क्रिकेट मैदान के बाहर वे इमरान से मिले हैं, उन्होंने उनका सम्मान किया है और आउट करने के लिए सबसे मुश्किल बल्लेबाज बताया है। यही बात इमरान, मोहिंदर अमरनाथ के लिए भी कही जाती थी।
कपिल देव और इमरान ख़ान की जोड़ी ऑल राउंडर के बावजूद भिन्न-भिन्न देशों से होने के, लव कुश की जोड़ी मानी जाती थी। हालांकि उस समय इंग्लैंड के इयान बॉथम और न्यूज़ीलैंड के रिचर्ड हैडली का भी ख़ूब बोलबाला था। इमरान कपिल देव से हिंदुस्तानी के अतिरिक्त पंजाबी में भी बात किया करते थे। कपिल चूंकि हरियाणा से हैं, पंजाबी भी जानते हैं। कपिल की नज़र में इमरान, वसीम अकरम से बेहतर तेज़ गेंदबाज थे। यदि यह कहा जाए कि आज भी इमरान-कपिल की जोड़ी, क्रिकेट संसार की उच्चतम ऑल राउंडरज़ की जोड़ी है, तो अतिशयोक्ति न होगी। इन दोनों का जलवा ही कुछ और होता था।
रवि शास्त्री ने कहा है कि क्रिकेट के विश्व पटल पर इमरान ख़ान ने एक अमिट छाप छोड़ी है। खेल के मैदान पर उनसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी और मैदान के बाहर दोस्त कोई दूसरा नहीं था। इसी प्रकार से नवजोत सिंह सिद्धू भी इमरान के शैदाइयों में से एक हैं और आज भी उनकी इमरान से प्रगाढ़ दोस्ती क़ायम है। स्वर्गीय बिशन सिंह बेदी, भी इमरान के खास दोस्तों में से एक थे। चूंकि दोनों इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट शृंखला में खेला करते थे, प्रायः साथ में चाय, भोजन, यात्रा साथ किया करते थे। हालां​िक ये सभी भारतीय खिलाड़ी चाहते हैं कि इमरान के साथ इन्सानियत का सलूक किया जाए। अगस्त 2026 में उनके स्वास्थ्य को लेकर उठे विवाद के बाद पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें इस्लामाबाद के शिफ़ा इंटरनेशनल अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच और उपचार कराने का आदेश दिया था। अदालत ने उनके निजी चिकित्सक और बहन को भी चिकित्सा प्रक्रिया से जोड़ने की बात कही। लेकिन उनके परिवार और पार्टी ने आरोप लगाया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया और उन्हें अपेक्षित निजी अस्पताल के बजाय सरकारी अस्पताल ले जाया गया। यह स्थिति कई बुनियादी सवाल खड़े करती है। यदि किसी बंदी के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर आशंकाएं हैं, तो उसकी जांच स्वतंत्र विशेषज्ञों से कराने में हिचकिचाहट क्यों होनी चाहिए? यदि परिवार और निजी चिकित्सक चिकित्सा संबंधी जानकारी चाहते हैं, तो पारदर्शिता सुनिश्चित करने में क्या कठिनाई है?
सितंबर 2026 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान ख़ान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एकांत में रखने से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जेल प्रशासन को उन्हें अलगाव में न रखने का निर्देश दिया। अदालत ने यह महत्वपूर्ण सिद्धांत भी रेखांकित किया कि किसी व्यक्ति के जेल के भीतर पहुंच जाने से उसके जीवन, गरिमा और मानवीय व्यवहार के अधिकार समाप्त नहीं हो जाते।
यह टिप्पणी केवल इमरान ख़ान के मामले तक सीमित नहीं है। यह हर लोकतांत्रिक समाज के लिए एक संवैधानिक और मानवीय संदेश है। जेल किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को कानून के अनुसार सीमित कर सकती है, लेकिन उसकी मनुष्यता को समाप्त नहीं कर सकती। पाकिस्तान, को कि बनाना स्टेट के तौर पर पहचाना जाता है, अपने ही दिग्गजों का जानी दुश्मन है।

फिरोज बख्त अहमद