आओ करें इंसानियत से प्यार, अगला पल आवे न आवे। जिन्दगी का एक पल भी निश्चित नहीं। अभी-अभी जो नेपाल की त्रासदी हुई और जिन्दगी में बहुत सी दुर्घटनाएं देखने को मिलती हैं, उससे हमें सीख लेनी चाहिए। इंसान कितना भी सोच ले, कितनी भी प्लानिंग कर ले, जिन्दगी का अगला पल हमारे हाथ में नहीं होता। हम पूरी जिन्दगी प्लानिंग करते रहते हैं, घर बनाएंगे, पैसा जोड़ेंगे, बच्चों का भविष्य बनाएंगे, व्यापार बढ़ाएंगे, जमीन-जायदाद बनाएंगे, रिश्ते सम्भालेंगे और तो और कई लोग तो यह भी सोच लेते हैं सारी उम्र यहीं रहना है और जो बनाएंगे वो सब साथ लेकर जाएंगे। इसी खुश फहमी में वो कइयों का हिस्सा मार लेते हैं। धोखाधड़ी कर लेते हैं। एक तो यह है कि दुनिया का कर्मों का चक्र हमेशा घूमता है, जो करते हैं वो वापिस आता है और यह प्रकृति का नियम एक ही झटके में हमें याद दिला देता है कि एक मिनट तो दूर एक सैकंड का भी भरोसा नहीं है।
इसका मतलब यह नहीं कि हम प्लानिंग करना छोड़ दें। प्लानिंग जरूर करें, मेहनत जरूर करें, अपने परिवार के भविष्य के लिए जरूर सोचें, लेकिन साथ-साथ यह भी समझें कि जिन्दगी सिर्फ धन जोड़ने का नाम नहीं है। जिन्दगी हमें यह भी कहती है जब तक समय है किसी के काम आओ, जब तक जीवन है अच्छे काम करो, किसी का दिल मत दुखाओ, किसी जरूरतमंद की मदद करो। जो प्यार देना है आज दे दो, जो माफी मांगनी है आज मांग लो, क्योंकि हमें नहीं पता कि कल हमारे पास होगा भी या नहीं और हमारे संस्कार हमें एक और विश्वास देते हैं-जाको राखे साइयां मार सके न कोय।’ इसका अर्थ है कि इंसान की कोशिश अपनी है लेकिन अंतिम निर्णय ईश्वर और प्रकृति के हाथ में है। कई बार ऐसी घटनाओं में कोई व्यक्ति ऐसी परिस्थिति में भी बच जाता है, जहां बचना लगभग असम्भव लगता है। वहीं हमें नेपाल जैसी त्रासदी में कई लोग असम्भव परिस्थितियों में बच निकले। नेपाल की त्रासदी एक बेहद दुखद दुर्घटना, परन्तु एक जीवन के लिए एक संदेश की तरह देखना चाहिए। ईश्वर का नाम लेते-लेते कई लोग बच गए परन्तु कई लोग ऐसे भी होते हैं जो हर समय ईश्वर का नाम मुंह पर रखते हैं, परन्तु कर्म बुरे कर बैठते हैं, जिन्दगी एक ही बार मिलती है, इसका कोई भरोसा नहीं कि अगला पल हमारा होगा या नहीं, इसलिए मेहनत भी करें, प्लानिंग भी करें लेकिन इंसानियत को सबसे ऊपर रखें। पैसा साथ नहीं जाएगा, सम्पत्ति साथ नहीं जाएगी, पद और प्रतिष्ठा भी साथ नहीं जाएगी, साथ जाएंगे तो हमारे अच्छे कर्म और लोगों के दिलों में हमारे लिए प्यार और दुआएं।
इसलिए जब तक सांस है, किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करें। क्योंकि जिन्दगी लम्बी हो यह हमारे हाथ में नहीं है लेकिन जिन्दगी कितनी अच्छी हो यह बहुत हद तक हमारे हाथ में है। हम कहते रहते हैं ‘‘अभी समय नहीं है’’ बाद में कर लेंगे। अभी बहुत काम है लेकिन जिन्दगी कभी-कभी हमसे पूछती है ‘‘अगर बाद में समय ही नहीं मिला तो?’’ इसलिए प्लानिंग जरूर करें, मेहनत करें, भविष्य के लिए बचत जरूर करें लेकिन अपने आज को मत खोइये। किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं तो लाइये, किसी बुजुर्ग का हाथ पकड़ सकते हैं तो पकड़िये, किसी दुखी इंसान को दो शब्द सांत्वना के दे सकते हैं तो दीजिए, किसी जरूरतमंद की मदद कीजिये।
क्योंकि अंत में हमारा बैंक बैैलेंस क्या था, हमारे पास क्या था, कितनी सम्पत्ति थी याद नहीं रहेगा। याद रहेंगे तो हमारे कर्म, हमारी अच्छाइयां और लोगों की दुआएं। इसलिए हर दिन एक अच्छा विचार और काम जरूर करें।
की दम दा भरोसा यार, दम आवे ना आवे
Summary :
आओ करें इंसानियत से प्यार, अगला पल आवे न आवे। जिन्दगी का एक पल भी निश्चित नहीं। अभी-अभी जो नेपाल की त्रासदी हुई और जिन्दगी में बहुत सी दुर्घटनाएं देखने को मिलती हैं, उससे हमें सीख लेनी चाहिए। इंसान कितना भी सोच ले, कितनी भी प्लानिंग कर ले, जिन्दगी का अगला पल हमारे हाथ में नहीं होता। हम पूरी जिन्दगी प्लानिंग करते रहते हैं, घर बनाएंगे, पैसा जोड़ेंगे, बच्चों का भविष्य बनाएंगे, व्यापार बढ़ाएंगे, जमीन-जायदाद बनाएंगे, रिश्ते सम्भालेंगे और तो और कई लोग तो यह भी सोच लेते हैं सारी उम्र यहीं रहना है और जो बनाएंगे वो सब साथ…


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