हमारे यहां घरों-परिवारों पर जब कभी वित्तीय संकट आते हैं तो गृहलक्ष्मी ही इसे संभालती हैं तथा संकट मोचक की भूमिका निभाती हैं। क्योंकि महिलाएं घर बहुत अच्छी तरह से चलाना जानती हैं तथा रसोई व घर के अन्य खर्चों पर कंट्रोल करती हैं, इसीलिए उन्हें घरों में ‘होम मिनिस्टर’ भी कह दिया जाता है। मेरा मानना है कि संकट के समय भारत को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका और भी अहम बन जाती है ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “बचत और आत्मनिर्भरता” की अपील का महत्व और भी बढ़ जाता है। ईरान-इजराइल-अमरीका युद्ध के चलते भारत पैट्रोल व गैस खपत को लेकर प्रभावित हुआ है। पीएम मोदी ने कठिन हालात को पढ़ लिया है तभी तो उन्होंने खर्च कंट्रोल करने की अपील की है।
भारत एक ऐसा देश है जहां महिलाओं ने हर दौर में परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज जब दुनिया आर्थिक चुनौतियों, महंगाई, प्राकृतिक संकटों और संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रही है, तब प्रधानमंत्री ने देशवासियों से जीवन के हर क्षेत्र में बचत, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की अपील की है। इस अभियान को सफल बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे घर की व्यवस्था, संसाधनों के उपयोग और परिवार के संस्कारों की मुख्य आधार होती हैं।
भारतीय महिलाओं को सदियों से ‘गृह लक्ष्मी’ कहा जाता है। घर की आय और खर्च का संतुलन बनाए रखने में उनकी विशेष भूमिका होती है। यदि महिलाएं अनावश्यक खर्चों को कम करें, जरूरत के अनुसार खरीदारी करें और बच्चों को भी बचत की आदत सिखाएं, तो परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा। मैं समझती हूं कि आज डिजिटल युग में महिलाएं ऑनलाइन बैंकिंग, निवेश और बचत योजनाओं की जानकारी लेकर परिवार को आर्थिक सुरक्षा दे सकती हैं। यदि हर घर में समझदारी से खर्च हो, तो राष्ट्रीय स्तर पर संसाधनों की बचत संभव है।
सच बात तो यह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार ‘ऊर्जा बचाओ’ और ‘प्रकृति बचाओ’ का संदेश दिया है। महिलाएं इस दिशा में बहुत बड़ा योगदान दे सकती हैं। मैंने महसूस किया है कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना तभी पूरा होगा जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। आज महिलाएं छोटे उद्योग, हस्तशिल्प, सिलाई, ब्यूटी पार्लर, ऑनलाइन व्यवसाय और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। किसी भी संकट-चाहे वह महामारी हो, आर्थिक मंदी हो या प्राकृतिक आपदा में महिलाओं का धैर्य और नेतृत्व परिवार को संभालने में मदद करता है। कोविड-19 महामारी के दौरान हमने देखा कि महिलाओं ने परिवार की देखभाल, स्वास्थ्य सुरक्षा और सीमित संसाधनों में घर चलाने का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। हमारे यहां महिलाएं परिवार के सदस्यों को सकारात्मक सोच, अनुशासन और संयम का पाठ पढ़ाकर मानसिक रूप से मजबूत बना सकती हैं। संकट के समय घबराने के बजाय समझदारी से निर्णय लेना ही सच्ची देशभक्ति है। सच यही है कि एक शिक्षित महिला पूरे परिवार को शिक्षित बनाती है। यदि महिलाएं बच्चों को ईमानदारी, अनुशासन, मेहनत और देशप्रेम के संस्कार दें, तो भारत का भविष्य मजबूत होगा। बचपन से ही बच्चों को संसाधनों की कीमत समझाना, देश के प्रति जिम्मेदारी सिखाना और समाज सेवा के लिए प्रेरित करना बहुत आवश्यक है।
देखा जाए तो आज महिलाएं सोशल मीडिया और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाकर लोगों को जागरूक कर सकती हैं। बच्चे का स्कूल से लेकर कालेज तथा बाद में कैरियर बनाने व शादी तक तथा परिवार चलाने में दादी-नानी बनकर महिलाओं की भूमिका उदाहरणीय है। भारतीय संस्कृति में महिलाओं को करुणा और सेवा का प्रतीक माना जाता है। महिलाएँ समाज में एकता, सहयोग और भाईचारे की भावना को बढ़ा सकती हैं। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना, गरीब बच्चों की शिक्षा में मदद करना और सामाजिक कार्यों में भाग लेना राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का सपना केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए हर नागरिक, विशेषकर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। मैं व्यक्तिगत रूप से मानती हूं कि प्रधानमंत्री बचत और आत्मनिर्भरता की अपील केवल आर्थिक सुधार का संदेश नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान है। यदि भारत की महिलाएं इस संदेश को अपने जीवन में अपनाएं और परिवार को भी प्रेरित करें, तो हर संकट में भारत और अधिक मजबूत होकर उभरेगा। विश्लेषण किया जाए तो महिलाएं केवल परिवार की शक्ति नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की प्रगति और सुरक्षा की आधारशिला बन सकती हैं। इस स्थिति में महिलाएं गृह लक्ष्मी के साथ-साथ राष्ट्र लक्ष्मी भी बन सकती हैं।
घरों की ‘होम मिनिस्टर’
Summary :
हमारे यहां घरों-परिवारों पर जब कभी वित्तीय संकट आते हैं तो गृहलक्ष्मी ही इसे संभालती हैं तथा संकट मोचक की भूमिका निभाती हैं। क्योंकि महिलाएं घर बहुत अच्छी तरह से चलाना जानती हैं तथा रसोई व घर के अन्य खर्चों पर कंट्रोल करती हैं, इसीलिए उन्हें घरों में ‘होम मिनिस्टर’ भी कह दिया जाता है। मेरा मानना है कि संकट के समय भारत को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका और भी अहम बन जाती है ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “बचत और आत्मनिर्भरता” की अपील का महत्व और भी बढ़ जाता है। ईरान-इजराइल-अमरीका युद्ध के चलते भारत पैट्रोल…


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