OTT vs TV Industry: टीवी का दौर खत्म, क्या OTT खा गया छोटे पर्दे का राज? जानिए क्यों अब सीरियल छोड़ वेब सीरीज़ देख रहे हैं लोग

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क्या टीवी सीरियल्स का दौर अब खत्म हो रहा है? जानिए कैसे Netflix, Prime और Hotstar जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स ने टीवी की दुनिया में हंगामा मचा दिया है। आसान भाषा में समझें टीवी और ओटीटी के बीच छिड़ी इस नई जंग के पीछे के असली वजह।

एक जमाना था जब शाम के 8 बजते ही पूरा परिवार टीवी के सामने बैठ जाता था। सास-बहू के ड्रामे, लंबे-लंबे सीरियल और हर विज्ञापन पर टीवी बंद करने की होड़… यह सब हमारा डेली रूटीन का हिस्सा था। लेकिन पिछले कुछ सालों में बहुत कुछ बदल गया है। आज लोग टीवी का रिमोट छोड़कर मोबाइल और स्मार्ट टीवी में ओटीटी (OTT) ऐप्स चला रहे हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि दशकों से राज कर रहा छोटा पर्दा अब पिछड़ता नजर आ रहा है? आइए बहुत ही आसान भाषा में समझते हैं।

न विज्ञापनों का झंझट, न हर दिन का इंतजार – जब मर्जी, जहां मर्जी देखो

OTT vs TV Industry
OTT vs TV Industry ( Source: Social Media)

टीवी देखने वालों की सबसे बड़ी शिकायत यही होती थी कि 20 मिनट के सीरियल में 10 मिनट तो सिर्फ ऐड ही आते थे। ऊपर से अगर किसी दिन आपका पसंदीदा एपिसोड छूट गया, तो अगले दिन के री-टेलीकास्ट का इंतजार करना पड़ता था।

ओटीटी ने इस पूरी मजबूरी को चुटकी में खत्म कर दिया। अब लोग बस एक क्लिक करते हैं और अपनी पसंद की पूरी सीरीज़ एक ही दिन में ‘बिंज वॉच’ कर लेते हैं। बस में सफर करते वक्त, ऑफिस के लंच ब्रेक में या रात को सोने से पहले… एंटरटेनमेंट अब आपकी जेब (स्मार्टफोन) में है। इसी आजादी ने लोगों को टीवी से दूर और ओटीटी के करीब कर दिया है।

घिसे-पिटे सास-बहू के ड्रामे से ऊबे लोग, ओटीटी लाया नया और दमदार कंटेंट

Web Series Impact on Television
Web Series Impact on Television ( Source: Social Media)

टीवी पर सालों-साल एक ही तरह की कहानियां चलती रहती हैं। वही सास-बहू की साजिशें, वही पुनर्जन्म के ड्रामे और बात-बात पर बजने वाला सस्पेंस म्यूजिक। युवा पीढ़ी (Youth) इस घिसे-पिटे ड्रामे से पूरी तरह ऊब चुकी थी।

ओटीटी ने आते ही दर्शकों को क्राइम थ्रिलर, सस्पेंस, कॉमेडी, रोमांस और असल जिंदगी से जुड़ी कहानियां परोसीं। ‘मिर्जापुर‘, ‘पाताल लोक‘, ‘पंचायत’ और ‘स्कैम 1992‘ जैसी सीरीज़ ने दिखा दिया कि आज का दर्शक दमदार एक्टिंग और अच्छी कहानी देखना चाहता है। जब ओटीटी पर हर हफ्ते कुछ नया और रोमांचक मिल रहा हो, तो कोई टीवी का वही पुराना ड्रामा क्यों देखेगा?

क्या टीवी का खेल पूरी तरह खत्म हो चुका है, या अब भी कोई उम्मीद बाकी है?

Is TV Soap Opera Era Ending
Is TV Soap Opera Era Ending ( Source: Social Media)

सवाल यह उठता है कि क्या टीवी अब पूरी तरह बंद हो जाएगा? इसका जवाब है- नहीं, लेकिन टीवी का अस्तित्व अब खतरे में जरूर है। आज भी हमारे देश के छोटे शहरों और गांवों में बुजुर्ग और होममेकर्स टीवी पर ही सीरियल्स देखना पसंद करते हैं। इसके अलावा लाइव क्रिकेट मैच और बड़ी खबरें देखने के लिए लोग टीवी का सहारा लेते हैं।

लेकिन सच्चाई यह है कि अगर टीवी चैनलों ने खुद को नहीं बदला और वही पुरानी कहानियां दिखाते रहे, तो आने वाले समय में उनका बचना मुश्किल हो जाएगा। ओटीटी ने मनोरंजन की दुनिया के सारे नियम बदल दिए हैं और अब दर्शक ही असली राजा है।

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Mahima Bhardwaj

महिमा भारद्वाज पिछले एक साल से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत Hindustan Times में की, जहाँ उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और ट्रेंडिंग टॉपिक्स से जुड़ा कंटेंट लिखा। इस दौरान उन्हें न्यूज़ रिसर्च, कंटेंट राइटिंग, हेडलाइन ड्राफ्टिंग और SEO फ्रेंडली आर्टिकल्स तैयार करने का व्यावहारिक अनुभव मिला। महिमा को बॉलीवुड से जुड़ी खबरें, फिल्म रिव्यू, सेलेब्रिटी अपडेट्स और एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स पर लिखना पसंद है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ उन्हें इंटरव्यू और मीडिया से जुड़े कामों में भी रुचि है। फिलहाल महिमा भारद्वाज Punjab Kesari में Bollywood Writer के रूप में काम कर रही हैं।