अयोध्या नगरी में ये जगहें मोह लेगी आपका मन

अयोध्या :  इन दिनों पूरा देश राममय हो गया हैं इसी के साथ विदेशो में भी रामधुन से लोग मंत्रमुग्ध है। भारत के मित्र देशों ने तो 22 जनवरी को जिस दिन अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा है अपने यहा सरकारी अवकाश भी घोषित कर दिया। यह अवकाश विदेशों में विशेषकर हिन्दू धर्म के कर्मचारियों को मिला है। भारत की बात करे तो राम नाम से सभी धर्म के लोग झूम उठे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम लड़की द्वारा गाए राम भजन की भी तारीफ की। इस दौरान पर्यटन के दृष्टिकोण से उत्तरप्रदेश की अयोध्या नगरी महत्वपूर्ण हो गई है। जिन्होंने इस जगह का अभी तक नाम भी नहीं सुना था वो सभी अब यहां आने की योजना तैयार कर रहे है। कुछ लोग राम नगरी अयोध्या के लिए प्रस्थान तक कर चुके है। हालंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी के कार्यक्रम को लेकर कह चुके है इस दिन अयोध्या ना आए। आप यहां की जाने की योजना बना रहे है तो ये रिपोर्ट आपके लिए काफी मददगार साबित होगी। जिसमे आपको बता रहे है की अयोध्या के किन पर्यटन स्थलों पर आपको जाना चाहिए। अयोध्या नगरी के ये स्थान आपके सफर को ना सिर्फ यादगार पल देंगे बल्कि आपको दोबारा यहां आने पर मजबूर करेंगे।

हनुमानगढ़ी

hanuman gadhi
एक किले के आकार में निर्मित और छिहत्तर सीढ़ियों की उड़ान द्वारा पहुंचा जाने वाला, 10 वीं शताब्दी का प्राचीन मंदिर तीर्थ शहर के केंद्र में स्थित है। इसके प्रत्येक कोने में गोलाकार किलेबंदी है और माना जाता है कि यह वह स्थान है जहां भगवान हनुमान ने एक गुफा में निवास किया था और शहर की रक्षा की थी। मंदिर में भगवान हनुमान की एक सुनहरी मूर्ति है। हर दिन हजारों भक्त हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना करने आते हैं और भगवान हनुमान से बुराइयों से सुरक्षा और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं।

रामकोटram kot

एक ऊंची भूमि पर स्थित और मंदिरों और तीर्थस्थलों से परिपूर्ण, यह अयोध्या के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। रामनवमी का त्योहार यहां हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र (मार्च-अप्रैल) महीने में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान देश और दुनिया भर से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं और भगवान राम के दर्शन करते हैं।

श्री नागेश्वरनाथ मंदिरnaggeshar nath

अयोध्या के इष्टदेव भगवान नागेश्वरनाथजी हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम के पुत्र कुश ने उन्हें समर्पित यह सुंदर मंदिर बनवाया था। यहां विराजित शिवलिंग काफी प्राचीन बताया जाता है। लोककथा के अनुसार, कुश सरयू नदी में स्नान कर रहे थे तभी उनका बाजूबंद पानी में गिर गया। कुछ समय बाद, एक नाग कन्या प्रकट हुई और उसे वापस लौटा दिया। उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया और कुश ने उनके लिए मंदिर का निर्माण करवाया। अयोध्या में सबसे महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक होने के नाते, यह महाशिवरात्रि के त्योहार के दौरान हर जगह से भक्तों की बड़ी भीड़ को आकर्षित करता है। मंदिर की वर्तमान इमारत का निर्माण 1750 ई. में किया गया था।

कनक भवनkanak photos

1891 में टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) की रानी वृषभानु कुवंरि ने उत्कृष्ट रूप से अलंकृत मंदिर का निर्माण कराया। मुख्य मंदिर एक खुले आंतरिक क्षेत्र से घिरा हुआ है जिसमें रामपाड़ा का पवित्र मंदिर है। भगवान राम और उनके तीन भाइयों के साथ देवी सीता की सुंदर मूर्तियों को देखकर आश्चर्यचकित रह जाइए।

तुलसी स्मारक भवनtulsi dham mandir

तुलसीस्मारक भवन महान संत-कवि गोस्वामी तुलसीदास जी को समर्पित है। यहां नियमित प्रार्थना सभाएं, भक्ति संगीत कार्यक्रम और धार्मिक प्रवचन आयोजित किए जाते हैं। इस परिसर में अयोध्या शोध संस्थान भी है, जिसमें गोस्वामी तुलसीदासजी पर साहित्यिक रचनाओं का एक बड़ा भंडार है। तुलसी स्मारक सभागार में प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक रामलीला का मंचन किया जाता है; यह एक प्रमुख आकर्षण है ।

अयोध्या में जैन मंदिरjain mandir

यह मात्र भगवान राम का जन्मस्थल ही नहीं बल्कि जैनियों के लिए भी बहुत उच्च महत्त्व का स्थान है , विश्वास किया जाता है कि यहाँ पर 5 जैन तार्थंकरों ने जन्म लिया है | प्रतिवर्ष, अनुयायी यहाँ बड़ी संख्या में इन महान संतों के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने हेतु पहुँचते हैं तथा विशेष आयोजनों में भाग लेते हैं | पूरे पवित्र नगर में बहुत से जैन मंदिर भी हैं, स्वर्गद्वार के निकट भगवान आदिनाथ का मंदिर, गोलाघाट के निकट भगवान अनंतनाथ का मंदिर, रामकोट में भगवान सुमननाथ का मंदिर , सप्तसागर के निकट भगवान अजीतनाथ का मंदिर तथा सराय में भगवान अभिनंदन नाथ का मंदिर दर्शनीय है |

 

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