Basant Panchami Mistakes 2026: साल 2026 में बसंत पंचमी का पावन पर्व ज्ञान, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती की आराधना के लिए मनाया जाएगा। चारों तरफ पीली सरसों और प्रकृति का नया रूप मन को मोह लेता है। लेकिन, धर्म सिंधु और स्कंद पुराण जैसे प्राचीन ग्रंथों में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि इस दिन कुछ खास गलतियां करने से पूजा का फल नहीं प्राप्त होता है, बल्कि ‘विद्या दोष’ लग सकता है। अक्सर हम अनजाने में श्रद्धा के साथ-साथ कुछ ऐसी भूल कर बैठते हैं, जो मां शारदा को नाराज कर सकती हैं। आइए जानते हैं, Basant Panchami Rules क्या हैं और Saraswati Puja Mistakes से किस तरह बचें।
Basant Panchami Mistakes 2026: बसंत पंचमी के दिन न करें ये काम

- बसंत पंचमी के दिन पीले, सफेद व हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है और इससे मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि बसंत पंचमी के दिन गलती से भी काले रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना गया है।
- बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा के दौरान व्यक्ति को अपना मन शांत रखना चाहिए। किसी से वाद-विवाद में न फंसें और न ही गुस्सा करें। इस दिन पितृ तर्पण करने का भी विधान है। इसलिए ये ध्यान रखें कि इस दिन घर में भी कलह न हो। ऐसा होने से पितरों को कष्ट पहुंचता है।

- बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन किया जाता है और इस दिन पेड़-पौधे काटने से बचना चाहिए। इतना ही नहीं इस दिन घर में भी पौधों की कटाई-छंटाई भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। इससे मां सरस्वती नाराज होती हैं।
- मां सरस्वती का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद पहले मां सरस्वती की पूजा करें। उसके बाद ही भोजन आदि ग्रहण करें। सरस्वती पूजा के दिन बिना नहाए कुछ भी नहीं खाना चाहिए।
- बसंत पंचमी यानि सरस्वती पूजा के दिन तामसिक चीजों के सेवन से बचना चाहिए। मांसाहार और शराब का सेवन ना करें. सात्विक भोजन ग्रहण करें और खुश रहें।
Saraswati Puja Mistakes: बसंत पंचमी के दिन क्या न करें

- पेड़-पौधे न काटें – बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक होने के कारण इस दिन कोई पेड़-पौधा काटना या छांटना अशुभ माना जाता है।
- तामसिक भोजन से बचें – इस दिन लहसुन-प्याज और अन्य तामसिक भोजन से दूर रहें, सात्विक भोजन करें।
- झगड़ा न करें – किसी से वाद-विवाद या झगड़ा न करें, कड़वे शब्द न बोलें।
- नहाने से पहले कुछ न खाएं – इस दिन स्नान करने से पहले कुछ भी खाने से बचना चाहिए।
महत्व
- यह दिन बसंत ऋतु के आगमन और ज्ञान की देवी मां सरस्वती के जन्म का प्रतीक है।
- इसे ‘श्री पंचमी’ और ‘सरस्वती पूजा’ के नाम से भी जाना जाता है।
Also Read: 23 या 24 जनवरी, कब है बसंत पंचमी? जानें सरस्वती पूजा का सही दिन शुभ मुहूर्त और महत्व


Download Android App
Download iOS App




