Ekadashi Par Vrat Kyu Rakhte Hai: योगिनी एकादशी आज, जानें व्रत के जरूरी नियम, महत्व और भगवान विष्णु की कृपा पाने का सही तरीका

Ekadashi Par Vrat Kyu Rakhte Hai

सनातन धर्म में एकादशी के त्योहार का एक विशेष धार्मिक महत्व है। साल भर में आने वाली 24 और अधिकमास सहित 26 एकादशियों में योगिनी एकादशी का स्थान सबसे ऊपर है। माना जाता है कि इस दिन जो भी व्यक्ति सच्चे मन से इस व्रत को करता है, उसे जीवन में काफी ज्यादा सुख-समृद्धि मिलती है। ये व्रत भगवान श्रीहरि विष्णु जी को समर्पित होता है, इस साल योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई यानी आज है। शास्त्रों के अनुसार, अगर आप भी मोक्ष को प्राप्त करना चाहते हैं, तो एकादशी का व्रत ज़रूर करें। इस एकादशी के व्रत से मोक्ष का रास्ता खुल जाता है, तो चलिए जानते हैं, इस व्रत का नियम और महत्त्व क्या है।

योगिनी एकादशी के मुख्य नियम

 Ekadashi rules & importance
Ekadashi rules & importance (AI Generated)
  • योगिनी एकादशी से एक दिन पहले की रात से ही सात्विक भोजन ही खाएं।
  • एकादशी के दिन अन्न, चावल और नमक का सेवन बिल्कुल भी न करें।
  • इस दिन विष्णु भगवान को चढ़ाने के लिए तुलसी का पत्ता एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें, इस दिन तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए।
  • एकादशी के दिन सुबह स्नान करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें पीले फूल, फल, पंचामृत और तुलसी चढ़ाएं।
  • पूजा के समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ जरूर करें।

योगिनी एकादशी का धार्मिक महत्व

 ekadashi vrat mahatva
ekadashi vrat mahatva (AI Generated)

हिंदू धर्म के अनुसार, योगिनी एकादशी को बहुत ही शुभ, लाभकारी और पुण्यदायी एकादशियों में से एक कहा जाता है। माना जाता है कि आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की इस एकादशी का व्रत को पूरे विधि-विधान से करने पर व्यक्ति को मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

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