Holika Dahan Samagri List 2026: होलिका दहन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह दिन जीवन की नकारात्मक ऊर्जा, ग्रह दोष और बाधाओं को दूर करने का विशेष अवसर देता है। अगर मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिल रही, शादी में रुकावट आ रही है या आर्थिक परेशानियां पीछा नहीं छोड़ रहीं हैं, तो होलिका दहन के दिन किए गए उपाय लाभकारी साबित हो सकते हैं। आज हम आपको Holika Dahan Samagri List 2026 के बारे में बताएंगे, जिसे चढ़ाने से आपको जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी।
Holika Dahan Samagri List 2026: होलिका दहन सामग्री लिस्ट

काला तिल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक माना जाता है।
हल्दी और पीली सरसों समृद्धि और शुभता का प्रतीक हैं।
लौंग वातावरण को शुद्ध करती है।
खीर-पूरी को सुख और संतोष का प्रतीक माना जाता है।
गाय के गोबर से बने उपले (कंडे) और गोबर की माला (गुलरी), सूखा नारियल, कच्चा सूत (कलावा)
रोली/हल्दी, अक्षत (अखंडित चावल), गुलाल, फूल/माला, कपूर, धूप, अगरबत्ती
बताशे, मिठाइयां, नए अनाज (गेहूं की बालियां, मूंग की साबुत दाल, चना)
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मिठाइयां: पारंपरिक मावा गुजिया, ड्राई फ्रूट्स गुजिया, चॉकलेट गुजिया, मालपुआ और फिरनी सबसे लोकप्रिय हैं।
नमकीन: खस्ता मठरी, नमक पारे, बेसन की सेव, नमकीन काजू और पोहा मिक्सचर।
मेन कोर्स/पकवान: दही वड़ा, आलू की सब्जी के साथ पुआ, और कचौड़ी।
ड्रिंक्स: ठंडाई और कांजी।
Holi Par Kya na Chadhayein: होलिका दहन में भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीज़ें

- होलिका की अग्नि पवित्र होती है, तो उसमें गंदे कपड़े, टायर आदि जैसी चीजें नहीं डालनी चाहिए।
- कहा जाता है कि ऐसा करने से मंगल ग्रह का दुष्प्रभाव आपके जीवन पर पड़ सकता है।
- होलिका की आग में पानी वाला नारियल नहीं डाला जाता है। होलिका दहन में सूखा नारियल चढ़ाया जाता है। पानी वाला नारियल चढ़ाने से आपकी कुंडली में
- चंद्रमा की स्थिति खराब हो सकती है। चंद्रमा ठीक नहीं होने से व्यक्ति को अपने जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
- होलिका दहन की आग में टूटे फूटे लकड़ी के सामान जैसे पलंग, सोफा, अलमारी का सामान नहीं डालना चाहिए। वरना आपके जीवन और घर-परिवार पर शनि, राहु और केतु का अशुभ प्रभाव पड़ सकता है।
- होलिका की पूजा में लोग घर पर बनाए हुए पकवान भी अर्पित करते हैं। तो अगर आप गुजिया होलिका की आग में चढ़ा रहे हैं, तो ध्यान रहें कि इसकी संख्या तीन न हो।
- होलिका की अग्नि में सूखी हुई गेहूं की बालियां और सूखे फूल भी नहीं डालना चाहिए। वरना शुभ फलों की प्राप्ति नहीं होती है।






















