Makar Sankranti Snan Time: मकर संक्रांति का त्योहार भारत के लगभग सभी हिस्सों में मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देव को समर्पित होता है, इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रांति के दिन माघ मेले का पहला शाही स्नान भी होता है। इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में इसे भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है।
बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ इलकों में इसे खिचड़ी, पंजाब और हरियाणा में माघी, तमिलनाडु और केरल में पोंगल, उत्तराखंड में इसे उत्तरायणी और गुजरात और राजस्थान में उत्तरायण के नाम से जाना जाता है। इस दिन तिल-गुड़, दही-चूड़ा और खिचड़ी का सेवन किया जाता है। इसके अलावा इस दिन कई क्षेत्रों में पतंग भी उड़ाई जाती है। चलिए जानते हैं मकर संक्रांति किस दिन मनाई जाएगी, शाही स्नान का शुभ समय और दान का शुभ मुहूर्त।
कब मनाई जाएगी मकर संक्रांति?

इस साल मकर संक्रांति को लेकर लोगों में बहुत कन्फ्यूजन है। दरअसल, मकर संक्रांति का पर्व 14 और 15 जनवरी दोनों दिन मनाया जाएगा। 14 जनवरी को दोपहर के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं और दूसरी ओर एकादशी भी है। ऐसे में कई ज्योतिषियों का मानना है कि उदया तिथि के हिसाब से 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाना उचित होगा। वहीं द्रिक पंचांग सहित कई अन्य ज्योतिषियों का मानना है कि 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति का पर्व मनाना उचित होगा।
Makar Sankranti 2026 Snan Shubh Muhurat: स्नान का शुभ मुहूर्त

14 और 15 जनवरी दोनों ही दिन स्नान-दान कर सकते हैं। 14 जनवरी को पुण्य काल की शुरुआत दोपहर 3:13 बजे हो रही है, तो इससे ठीक पहले या इसी समय स्नान करना शुभ है। इस दिन एकादशी भी है, तो पवित्र नदी में स्नान करें। वहीं 15 जनवरी को सुबह 03:03 से 07:15 बजे तक स्नान के लिए शुभ समय है।
Makar Sankranti 2026: पूजा और दान का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, 14 जनवरी को दोपहर 3:13 बजे से शाम 5:45 बजे तक पुण्य काल रहेगा, जबकि महा पुण्यकाल 3:13 से 4:57 बजे तक होगा। पुण्य क्षण ठीक 3:13 बजे है। इस शुभ समय में स्नान, पूजा और दान करने से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
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