निर्जला एकादशी साल की सबसे बड़ी और कठिन एकादशी मानी जाती है। यह हिंदी कैलेंडर के अनुसार, ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष में आती है। माना जाता है कि अगर आप साल की बाकी एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते हैं, तो सिर्फ इस एक व्रत को रखने से आपको साल की सभी एकादशियों का पुण्य मिल जाता है।
पुरानी मान्यताओं के अनुसार, पांडवों में से भीम ने भी यह व्रत रखा था, क्योंकि उनके लिए हर एकादशी पर भूखा रहना मुमकिन नहीं था। भीम के नाम पर ही इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन दान-पुण्य करने से कभी न खत्म होने वाला पुण्य मिलता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर आप पैसों की तंगी या पितृ दोष से परेशान हैं, तो निर्जला एकादशी के दिन 5 खास चीजों का दान जरूर करें। माना जाता है कि इन चीजों का दान करने से जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं और आपकी सोई हुई किस्मत चमक उठती है।आइए जानें Nirjala Ekadashi Par Kya Daan Kare, जिससे भगवान विष्णु की कृपा आप पर बनी रहे।
Nirjala Ekadashi Par Kya Daan Kare: निर्जला एकादशी के 5 महादान
1. पानी से भरा मिट्टी का घड़ा

2. मौसमी फलों का दान
इस दिन मौसमी फल जैसे खरबूजा, तरबूज आदि दान करना बहुत शुभ होता है। ऐसा करने से भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है, और घर में पैसों की तंगी खत्म हो जाती है।
3. चने का सत्तू और गुड़

इस दिन सत्तू और गुड़ का दान करना भी बहुत अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती, क्योंकि मां अन्नपूर्णा और लक्ष्मी जी की कृपा मिलती है।
4. हाथ का पंखा
गर्मी से राहत देने के लिए बांस से बने हाथ के पंखे का दान करना भी इस दिन बहुत खास माना जाता है। इस दान से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-शांति आती है।
5. कपड़े और जूते-चप्पलों का दान
चूंकि निर्जला एकादशी बहुत तेज गर्मी के मौसम में आती है, इसलिए इस दिन गरीबों को धूप से बचने के लिए सूती (कॉटन) कपड़े और पैरों के लिए चप्पल या जूते दान करने चाहिए। इससे कुंडली के खराब ग्रह शांत होते हैं।
Nirjala Ekadashi Kab Hai: निर्जला एकादशी 2026 तिथि

इस साल निर्जला एकादशी तिथि 24 जून 2026 की शाम 6:12 बजे शुरू हो जाएगी और 25 जून 2026 की रात 8:09 बजे तक रहेगी। हिंदू नियमों के अनुसार, क्योंकि 25 जून को सूर्योदय के समय यह तिथि होगी, इसलिए व्रत 25 जून, गुरुवार को रखा जाएगा।इस मुश्किल व्रत को पूरा करने के बाद अगले दिन यानी 26 जून 2026, शुक्रवार को व्रत खोला जाएगा। व्रत खोलने का सबसे अच्छा समय सुबह 5:25 बजे से सुबह 8:13 बजे के बीच है। हालांकि उस दिन द्वादशी तिथि रात 10:22 बजे तक रहेगी, लेकिन शास्त्रों के मुताबिक सुबह के समय व्रत खोलना सबसे अच्छा माना जाता है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।


Download Android App
Download iOS App




