
Putrada Ekadashi 2025: शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का समय

- तिथि प्रारंभ: 30 दिसंबर 2025, सुबह 07:50 बजे से।
- तिथि समाप्त: 31 दिसंबर 2025, सुबह 05:00 बजे तक।
- व्रत पारण का समय: 31 दिसंबर 2025 को दोपहर 01:26 बजे से लेकर 03:31 बजे तक।
Paush Putrada Ekadashi Vrat Katha: राजा सुकेतुमान को कैसे मिला था संतान प्राप्ति का वरदान?

चिंता इतनी गहरी थी कि एक समय राजा के मन में आत्मघात का विचार तक आ गया, परंतु इसे महापाप समझकर उन्होंने स्वयं को रोक लिया। एक दिन दुखी मन से राजा वन की ओर निकल गए। वहां भटकते हुए वे सोचने लगे कि इतने दान, पुण्य और पूजा-पाठ के बाद भी उन्हें यह कष्ट क्यों मिल रहा है?दोपहर ढलते-ढलते राजा प्यास से व्याकुल होकर एक सरोवर के पास पहुंचे। वहां उन्होंने ऋषियों के आश्रम देखे। तभी राजा के दाहिने अंग फड़कने लगे, जिसे शुभ शकुन मानकर वे ऋषियों के चरणों में झुक गए।
ऋषियों ने प्रसन्न होकर राजा से उनकी इच्छा पूछी। जब राजा ने उनके परिचय के बारे में जानना चाहा, तब मुनियों ने बताया- “हे राजन! हम विश्वेदेव हैं। आज पुत्र प्रदान करने वाली पुत्रदा एकादशी है और हम यहाँ इस पवित्र सरोवर में स्नान के लिए आए हैं।”
संतान की कामना करते हुए राजा ने मुनियों से आशीर्वाद मांगा। ऋषियों की आज्ञा पाकर राजा ने पूरी श्रद्धा के साथ पुत्रदा एकादशी का व्रत किया और अगले दिन द्वादशी को उसका पारण किया। इस व्रत के पुण्य प्रताप से कुछ समय पश्चात रानी शैव्या ने गर्भधारण किया। नौ माह बाद उन्हें एक तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई।

भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि जो भी व्यक्ति संतान सुख की इच्छा रखता है, उसे पुत्रदा एकादशी का व्रत नियमपूर्वक करना चाहिए। इस कथा के पठन और श्रवण मात्र से मनुष्य को न केवल इस लोक में सुख मिलता है, बल्कि अंत में स्वर्ग की प्राप्ति होती है।























