हिंदू धर्म में भगवान गणेश को दुखों और मुसीबतों को दूर करने वाला माना जाता है। वैसे तो हर महीने की चतुर्थी तिथि गणेश जी की पूजा के लिए होती है, लेकिन ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का बहुत ज्यादा महत्व है। इसे प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी कहते हैं। इस साल Pradyumn Vinayak Chaturthi 2026 का व्रत आज यानी 18 जून 2026, गुरुवार को रखा जा रहा है। माना जाता है कि इस दिन जो कोई भी पूरी श्रद्धा से गणेश जी की पूजा करता है, उसके घर से गरीबी और झगड़े हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं। चलिए जानते हैं इस व्रत के महत्व, शुभ मुहूर्त और आसान पूजा विधि के बारे में।
Pradyumn Vinayak Chaturthi 2026: प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी की तिथि और शुभ समय
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 17 जून 2026 को रात 9:38 बजे शुरू होगी और 18 जून 2026 को शाम 6:58 बजे समाप्त होगी। हिंदू धर्म में उदया तिथि के अनुसार, प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी का व्रत 18 जून को ही रखा जाएगा।
Vinayak Chaturthi Puja Vidhi: ऐसे करें गणपति का पूजन

- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, पूजा घर को साफ करें और भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर रखें।
- गणेश जी को लाल या पीले फूल चढ़ाएं।
- उन्हें दूर्वा, सिंदूर, चावल और मोदक का भोग लगाएं।
- इसके बाद गणेश जी के मंत्रों का जाप करें और गणेश चालीसा पढ़ें।
- भगवान से अपने परिवार की सुख-शांति और तरक्की के लिए प्रार्थना करें।
- पूरे दिन व्रत रखें और शाम को आरती करके परिजनों प्रसाद बांटें।
प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी के आसान उपाय
- भगवान गणेश को 21 दूर्वा चढ़ाएं और उनके पसंदीदा मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
- पूजा करते समय “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
- घर के मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक का निशान बनाएं, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
Vinayak Chaturthi Significance: प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी का महत्व



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