Somvati Amavasya Deepdan ka Mahatva: दीपक जलाना क्यों जरूरी है?

शास्त्रों में दीपक को रोशनी, ज्ञान और अच्छाई का प्रतीक माना गया है। चूंकि अमावस्या की रात बहुत अंधेरी होती है, इसलिए इस दिन दीपक जलाकर अंधेरे पर उजाले की जीत दिखाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि सोमवती अमावस्या की शाम को घर में दीपक जलाने से चारों तरफ पॉजिटिविटी फैलती है और भगवान के साथ-साथ पूर्वजों का आशीर्वाद भी मिलता है।
1. पूर्वजों के लिए दीपदान

मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या का दिन पूर्वजों को याद करने का दिन होता है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों की शांति के लिए पूजा और दान करते हैं। माना जाता है कि शाम के समय दक्षिण दिशा की तरफ दीपक जलाने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और अपने परिवार को सुख, शांति और तरक्की का आशीर्वाद देते हैं। जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष है या जिन्हें लगता है कि उनके पूर्वज उनसे नाराज हैं, उनके लिए यह उपाय बहुत फायदेमंद होता है।
2. पैसों की तंगी दूर करने और सुख-समृद्धि के लिए दीपदान
सोमवती अमावस्या पर दीपक जलाना सिर्फ पूजा-पाठ के लिए ही नहीं, बल्कि घर में बरकत लाने के लिए भी अच्छा माना जाता है। कहते हैं कि इस दिन सच्चे मन से दीपक जलाने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं, जिससे घर में धन-दौलत और अनाज की कभी कमी नहीं होती। इसी वजह से लोग इस दिन मंदिरों में, नदियों के किनारे और पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाते हैं।
3. बुरी ताकतों को दूर भगाने के लिए
ज्योतिष के अनुसार, अमावस्या के दिन चारों तरफ नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है। ऐसे में दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता आती है और माहौल अच्छा बनता है। माना जाता है कि दीपक की रोशनी से मन का डर, तनाव और बुरे विचार भी दूर हो जाते हैं।
दीपक जलाने का सही तरीका क्या है?



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