Tulsi Puja on Nirjala Ekadashi: साल की सबसे बड़ी एकादशी पर तुलसी मां को अर्पित करें ये 5 चीजें, दूर होंगी शादी और करियर की रुकावटें

Summary :

साल में आने वाली सभी 24 एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, Tulsi Puja on Nirjala Ekadashi का खास महत्व माना गया है। हिंदू धर्म में तुलसी को सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि देवी और भगवान विष्णु की प्रिय (विष्णुप्रिया) माना गया है। अगर आप निर्जला एकादशी के इस दिन तुलसी मां का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो इस दिन विष्णु जी के साथ-साथ तुलसी मां की भी विधि-विधान से पूजा अवश्य करें। Nirjala Ekadashi Date: निर्जला एकादशी कब है? इस साल निर्जला एकादशी की शुरुआत 24 जून 2026 की शाम 6:12 बजे होगी और…

साल में आने वाली सभी 24 एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, Tulsi Puja on Nirjala Ekadashi का खास महत्व माना गया है। हिंदू धर्म में तुलसी को सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि देवी और भगवान विष्णु की प्रिय (विष्णुप्रिया) माना गया है। अगर आप निर्जला एकादशी के इस दिन तुलसी मां का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो इस दिन विष्णु जी के साथ-साथ तुलसी मां की भी विधि-विधान से पूजा अवश्य करें।

Nirjala Ekadashi Date: निर्जला एकादशी कब है?

Nirjala Ekadashi Date
Nirjala Ekadashi Date (AI Generated)

इस साल निर्जला एकादशी की शुरुआत 24 जून 2026 की शाम 6:12 बजे होगी और यह 25 जून 2026 की रात 8:09 बजे तक रहेगी। हिंदू नियमों के मुताबिक, चूंकि 25 जून को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि रहेगी, इसलिए व्रत 25 जून (गुरुवार) को ही रखा जाएगा।

Tulsi Puja on Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी पर तुलसी मां को अर्पित करें ये चीजें

Tulsi Puja on Nirjala Ekadashi
Tulsi Puja on Nirjala Ekadashi (AI Generated)
  • कलावा: तुलसी के तने पर सात बार कलावा लपेटें और कलावा बांधते समय अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
  • लाल या पीली चुनरी: इस पवित्र दिन पर तुलसी के पौधे को एक नई लाल या पीली चुनरी जरूर ओढ़ाएं। यह तुलसी माता के प्रति आदर और सुहाग की निशानी माना जाता है।
  • सुहाग का सामान: चुनरी के साथ आप तुलसी माता को चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर और कुमकुम जैसा सुहाग का सामान भी चढ़ा सकते हैं। इससे घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है।
  • पीले चावल (अक्षत और हल्दी): तुलसी जी को चढ़ाने के लिए हल्दी मिले हुए पीले चावलों का इस्तेमाल करें। भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी, दोनों को ही हल्दी और पीला रंग बहुत पसंद है।
  • घी का दीपक और परिक्रमा: शाम के समय तुलसी जी के पास गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद तुलसी के पौधे की कम से कम तीन या सात बार परिक्रमा करें

Vishnu Priya Tulsi Puja: निर्जला एकादशी पर तुलसी के आसान उपाय

Tulsi Puja on Nirjala Ekadashi
Tulsi Puja on Nirjala Ekadashi (AI Generated)
  • सुख-समृद्धि के लिए: निर्जला एकादशी पर तुलसी माता को सुहाग और श्रृंगार का सामान चढ़ाना बहुत शुभ होता है। मान्यता है कि इससे लक्ष्मी जी खुश होती हैं और घर की आर्थिक परेशानियां खत्म होती हैं।
  • जल्दी विवाह के लिए: अगर शादी-ब्याह की बात बनने में बार-बार रुकावट आ रही है, तो इस दिन तुलसी माता और शालिग्राम भगवान की ठीक से पूजा करें। इससे विवाह में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं और घर में शांति आती है।
  • करियर में सफलता के लिए: अगर नौकरी या बिजनेस में लगातार रुकावटें आ रही हैं, तो निर्जला एकादशी की शाम को तुलसी माता के सामने 11, 21 या 51 दीपक जलाएं और तुलसी चालीसा का पाठ करें। इससे सफलता के नए रास्ते खुलते हैं।
  • पैसों की तंगी दूर करने के लिए: अगर मेहनत के बाद भी तरक्की नहीं हो रही या पैसा नहीं टिक रहा, तो इस दिन विष्णु जी और लक्ष्मी जी की पूजा करें। कच्चे दूध में तुलसी की मंजरी मिलाकर भगवान का अभिषेक करें। माना जाता है कि इससे पैसों की किल्लत दूर होती है।

Tulsi Puja Rules Ekadashi: तुलसी पूजा के जरूरी नियम

Tulsi Puja on Nirjala Ekadashi
Tulsi Puja on Nirjala Ekadashi (AI Generated)
इस दिन तुलसी के पौधे को बिना वजह न छुएं। पूजा का सामान भी दूर से या बहुत आदर के साथ अर्पित करें।
निर्जला एकादशी के दिन तुलसी माता भी भगवान विष्णु के लिए बिना पानी पिए व्रत रखती हैं। इसलिए इस दिन तुलसी में पानी बिल्कुल न डालें और न ही उनके पत्ते तोड़ें।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।