रेवाड़ी: रेल अधिकारियों व कर्मचारियों की 19 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्टीम इंजन अकबर को फिर से रेल की पटरियों पर चलाया जा सका। बीती सायं करीब पांच बजे दिल्ली से पहुंची दुर्घटना राहत गाड़ी की सहायता से कर्मचारियों व इंजीनियरों की टीम ने तुरंत कार्य प्रारंभ कर दिया। सभी के सहयोग से रविवार करीब 12 बजे इंजन को पटरी पर पूरी तरह शिफ्ट कर दिया गया। गौरतलब है कि गदर एक प्रेम कथा, सुल्तान व दी गांधी माई फादर जैसी बॉलीवुड की करीब डेड दर्जन हीट फिल्मों में दिखाई देने वाले करीब छह दशक पुराना स्टीम इंजन ‘अकबर’ शनिवार को पटरी पर बेकाबू होकर दौड़ पड़ा था, जिस परचालक ने इंजन से कूदकर जान बचाई थी।
सूत्रों के अनुसार रेवाड़ी के ऐतिहासिक लोको हैरिटेज में आज पुराने स्टीम इंजन को रिहर्सल के लिए निकाला गया। दिल्ली मण्डल के अधिकारियों को इसके निरीक्षण के लिए रेवाड़ी आना था। जैसे ही इंजन को रिहर्सल के लिए बाहर निकाला गया तो अचानक वह स्पीड पकड़ गया और बेकाबू हो गया। स्टीम इंजन हैरिटेज का गेट तोड़ता हुआ पटरी पर दौड़ पड़ा। इंजन को अचानक दौड़ता देख चालक घबरा गया और इंजन से कूद गया। बताया जाता है कि इंजन बिना ड्राईवर के एक किलोमीटर से ज्यादा दौड़ता हुआ कालूवास गांव के समीप असंतुलित होकर पटरी से उतर गया। इस मामले में चालक की लापरवाही बताई जा रही है।


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