चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दायर किए रिश्वत के मुकद्दमे की सुनवाई करते आज मोहाली की विशेष अदालत ने पंजाब के आईएएस अधिकारी टी के गोयल को आरोपी करार देते भ्रष्टाचार नियंत्रण कानून की विभिन्न धाराओं तहत 3-3 साल की कैद की सजा और जुर्माना किया है। एक प्रवक्ता ने बताया कि 8 सित बर 2010 में एस सी/बी सी कल्याण विभाग में बतौर संयुक्त सचिव तैनात तेज कुमार गोयल द्वारा शिकायतकत्र्ता जोर्ज शंभू निवासी गांव बेगोवाल जिला कपूरथला से जाति सर्टिफिकेट जारी करने के बदले में एक लाख रूपए की रिश्वत की मांग की गई थी।
विजिलेंस द्वारा शिकायत के आधार पर टी के गोयल को उसके दफतर में 50 हजार रूपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार करके उसके विरूद्ध रिश्वतखोरी का मुकद्दमा दायर किया था। प्रवक्ता ने बताया कि विजिलेंस ने इस क ेस को सफलतापूर्वक लड़ा जिसके आधार पर अदालत ने टी के गोयल को रिश्वत लेने का आरोपी पाया। अदालत द्वारा उक्त आरोपी को भ्रष्टाचार नियंत्रण कानून की धारा 7 अधीन 3 साल की सज़ा और 7000 रुपए का जुर्माना और इसी कानून की धारा 13 (2) तहत 3 साल की जेल तथा 5000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।


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