Cars24 पर लगा ₹50,000 का जुर्माना, गुरुग्राम में पानी भरी सड़कों पर उतारी थी नाव!

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Cars24 Boat Gurugram Flood: गुरुग्राम में जलभराव को लेकर Cars24 ने एक मार्केटिंग अभियान के तहत पानी से भरी सड़क पर ब्रांडेड नाव उतारी। बाद में स्थानीय लोगों ने इसका इस्तेमाल आने-जाने के लिए शुरू कर दिया। इस मामले में कंपनी पर 50 हजार रुपये का चालान लगाया गया। घटना ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

Cars24 Boat Gurugram Flood: गुरुग्राम में बारिश के बाद होने वाले जलभराव को लेकर Cars24 का एक मार्केटिंग अभियान चर्चा में आ गया है। लेकिन इसके बाद  कंपनी को 50 हजार रुपये का जुर्माना भी झेलना पड़ा है। दरअसल, पुरानी कारों की खरीद-बिक्री के लिए मशहूर Cars24 ने शहर में बारिश की वजह से लबालब हुई सड़कों पर एक ब्रांडेड नाव उतारी थी। कंपनी का मकसद जलभराव की समस्या पर लोगों का ध्यान खींचना था। लेकिन, बाद में यही नाव फंसे हुए लोगों के लिए आने-जाने का साधन बन गई।  इस मामले को लेकर कंपनी की ब्रांड, क्रिएटिव और कम्युनिकेशन हेड प्राची शर्मा ने बताया कि अब  इस मामले में गुरुग्राम के ट्रैफिक अधिकारियों ने कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म LinkedIn पर इस पूरे मामले की जानकारी शेयर की।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्राची शर्मा ने बताया कि कंपनी ने गुरुग्राम में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव पर एक हल्के-फुल्के अंदाज में बात रखने के लिए नाव को पानी में उतारा था। नाव का रंग नीला था और उस पर Cars24 की ब्रांडिंग भी की गई थी। कंपनी का यह कदम शुरुआत में एक विज्ञापन या मार्केटिंग स्टंट जैसा था। लेकिन शहर में बारिश बढ़ने के साथ हालात बदल गए। कई इलाकों में पानी इतना भर गया कि लोगों के लिए पैदल चलना और गाड़ियों  से निकलना मुश्किल हो गया।

मजाक से जरूरत का साधन बन गई नाव

Cars24 की ओर से शेयर कि गई जानकारी के अनुसार , जलभराव बढ़ने के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने उसी नाव का इस्तेमाल सड़क पार करने के लिए शुरू कर दिया। लोगों के लिए उस समय नाव पानी से भरी सड़कों को पार करने का आसान और तेज तरीका बन गई। प्राची शर्मा ने इसी स्थिति को लेकर कहा कि कोई मजाक उस समय मजेदार नहीं रह जाता, जब वह लोगों के रोजाना आने-जाने का साधन बन जाए। उनका कहना था कि कंपनी ने जलभराव को लेकर एक मजाकिया अभियान शुरू किया था, लेकिन बाद में यह शहर की गंभीर समस्या को दिखाने लगा।

प्राची शर्मा ने बताया कि  इस अभियान के बाद कंपनी को 50 हजार रुपये का चालान भरना पड़ा। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि गुरुग्राम में कानून तोड़ने की यही कीमत उन्हें चुकानी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी नाव के लिए लगाए गए जुर्माने का भुगतान कर चुकी है। अगर जरूरत पड़ती है और इस हफ्ते भी नाव को लोगों की मदद के लिए पानी में उतारना पड़ा, तो कंपनी दोबारा चालान भरने के लिए तैयार है।

कंपनी ने जलभराव की समस्या पर उठाए सवाल

Cars24 ने अपने पोस्ट में सिर्फ  चालान की बात नहीं की गई, बल्कि गुरुग्राम की जल निकासी सिस्टम  पर भी सवाल उठाया गया। कंपनी के अनुसार,  शहर में लंबे समय से बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती रही है।

कंपनी की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि असली मुद्दा सिर्फ नाव या चालान नहीं है। सवाल यह है कि हर साल बारिश के दौरान लोगों को जलभराव और खराब यातायात व्यवस्था से क्यों जूझना पड़ता है।

सोशल मीडिया पर आए अलग- अलग कमेंट्स

इस पूरे मामले के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने Cars24 के अभियान की तारीफ की और कहा कि नाव का इस्तेमाल जरूरतमंद लोगों के लिए हुआ। उनके अनुसार , इस घटना ने शहर की जलभराव की समस्या को चर्चा में ला दिया।

वहीं, कुछ यूजर्स ने चालान को लेकर सवाल उठाए। एक यूजर ने कहा कि अगर 50 हजार रुपये का चालान वास्तव में हुआ है, तो कंपनी को चालान की कॉपी और संबंधित कानूनी धारा भी सार्वजनिक करनी चाहिए। इससे लोगों को मामले की पूरी जानकारी मिल सकेगी। वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि अभियान की सबसे अहम बात यह रही कि एक ऐड  के लिए लाई गई नाव  समस्या के समय लोगों के काम आई।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।