जींद : आरक्षण और समाज के युवाओं की रिहाई के मसले पर मनो सरकार से ना उम्मीद हुए जाटों ने अब बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के मार्फत यशपाल मलिक के नेतृत्व में चलने वाली अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति से जुड़े चौधरियों ने ऐलान किया है कि 15 अगस्त के बाद प्रदेश के किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनकी मंत्रियों की टोली तथा विधायकों का बहिष्कार किया जाएगा। यही नहीं, हरियाणा में होने वाली मोदी और शाह की रैलियों के खिलाफ भी विरोध के झंडे उठाएं जाएंगे। जींद की जाट धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह जागलान ने इस बात का ऐलान किया कि सरकार कतई भी इस गलफत में ना रहे कि उसने जाट समाज को झूठे वायदों से बरगलाने का काम किया है।
सरकार की इस वायदा खिलाफी के विरोध में ओर भाईचारा बिगाडऩे की सोच का जवाब देने के लिए 30 जुलाई को जिले में सर्वजातीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, ताकि प्रदेश में जिस तरह भाई को भाई से लड़ाने की चाल चली जा रही है, उसका जवाब दिया जा सकें। उन्होंने कहा कि आरक्षण तथा दूसरी मांगों को लेकर सरकार ने जाटों की अनदेखी की है। इसलिए अब इस समाज के लोग प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी करेंगे। कैप्टन भूपेंद्र ने कहा कि 25 नवंबर को चौधरी छोटूराम के जन्मदिवस पर जसिया में बड़ी ैरैली आयोजित की जाएगी। इस मौके पर उचाना ब्लॉक प्रधान बलवंत छात्तर, हरदीप किनाना, तेलूराम देशवाल, रामकुमार चहल, सुनील मलिक, नफे सिंह, सत्यवान ईक्कस सहित अनेकों चौधरियों ने सरकार के खिलाफ गरजना भरी।
सरकार केवल झूठे आश्वासनों पर टिकी : जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान कैप्टन भूपेंद्र जागलान ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री कहते है कि उन्होंने जाटों की सभी मांगों को मान लिया है, किन्तु हकीकत यह है कि सरकार झूठे आश्वासन दे रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग आंदोलन छेड़े हुए है, वे समाज का हिस्सा है। इसलिए इस बार लड़ाई में उनका पूरा सहयोग लिया जाएगा।
अहीर, गुज्जर और सैनियों को आरक्षण, हमें क्यों नहीं : लघु सचिवालय के बाहर 56 दिनों से अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति अध्यक्ष मंडल हरियाणा के बैनर तले गरज रहे वीरभान ढुल, महेंद्र सिंह जागलान, किताब सिंह भनवाला, बलबीर सिंह, कृष्ण तालू, रणबीर सिंह हुड्डा, बारूराम आदि चौधरियों ने कहा कि किसान जाति में अहीर, गुर्जर, सैनी और जाट ही प्रमुख है। किंतु सरकार अहीर, गुज्जर और सैनियों को आरक्षण का लाभ दे रही है, किंतु जाटों की अनदेखी की जा रही हैं। जाट, देश और समाज के लिए हर समय कुर्बानी देने के लिए तैयार रहते है। किंतु इसके बावजूद भी सरकार जो अनदेखी कर रही है, उसके खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी जाएगी। इस मौके पर राजसिंह और राजकुमार ने भूख हड़ताल की। इसके साथ-साथ यशपाल मलिक की भी खिंचाई की।
– संजय शर्मा


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