चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज जहां फेमिना मिस इंडिया 2017 मानुषी छिल्लर को सम्मानित किया वहीं उनके कार्यालय की तरफ से मिसेज इंडिया के साथ पूरी तरह से भेदभाव किया गया। शायद श्री खट्टर के लिए मिस इंडिया ज्यादा मायने रखती है चाहे मिसेज इंडिया भी हरियाणा की ही बेटी क्यों न हो। रिकार्ड इस बात का गवाह है कि मिसेज इंडिया जो हरियाणा से सबंध रखती है, ने काफी समय पहले खिताब जीतने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में आग्रह किया कि वह श्री खट्टर से मिलकर हरियाणा में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान से जुडऩा चाहती है परंतु उन्हें आज तक मिलने का समय नहीं मिला। जबकि मिस इंडिया को न केवल समय दिया गया बल्कि उन्हें सम्मानित किया गया। मंगलवार को मिस इंडिया 2017 मानुषी छिल्लर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल से मिलने उनके निवास स्थान पर मिलने पहुंची।
इस दौरान सीएम से उनकी राज्य और बेटियों को लेकर चर्चा हुई। मानुषी ने कहा कि गांव में मां-बाप अपनी बेटियों को बाहर भेजने से गुरेज करते हैं, लेकिन उनके साथ ऐसा नहीं था। वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें हमेशा अपने माता-पिता का सहयोग मिला। मानुषी ने कहा कि लोगों को महिलाओं के प्रति सोच बदलनी होगी। खेलकूद हो या अन्य कोई क्षेत्र, आज सभी में बेटियां आसमान छू रही हैं। बेटियों को परिवार और समाज का सहयोग मिले तो उनके लिए कोई भी चुनौती मुश्किल नहीं होगी। वह हर क्षेत्र में झंडे गाड़ सकती हैं।
बता दें कि मानुषी झज्जर जिले के बहादुरगढ़ के बामनौली गांव की रहने वाली है। खानपुर विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। मानुषी के पिता डॉ. मित्रबसु छिल्लर और माता डॉ. निर्मल ने पीजीआइएमएस से पढ़ाई की थी। फिलहाल डॉ. मित्रबसु दिल्ली में डीआरडीओ विभाग में मेडिकल ऑफिसर और माता सरकारी अस्पताल में कार्यरत हैं। दिल्ली में नौकरी के चलते पूरा परिवार वहीं रह रहा है।
(आहूजा)


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